लखनऊ। NEET पेपर लीक विवाद के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए।
परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त तैयारी
बैठक में मुख्य सचिव ने साफ कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा बना रहे।
बिना e-KYC नहीं मिलेगी ड्यूटी
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को लेकर भी सख्त नियम लागू करने को कहा है।
निर्देश दिए गए हैं कि:
सभी कर्मचारियों की e-KYC अनिवार्य होगी
बिना सत्यापन किसी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा
सिर्फ सत्यापित सरकारी कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई जाएगी
कर्मचारियों की तैनाती रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत होगी
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर रहेगा बैन
सरकार ने परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि बिना चेकिंग किसी भी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाए। इसके अलावा सभी केंद्रों की CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी।
रोजाना होगा परीक्षा केंद्रों का सैनिटाइजेशन
परीक्षा केंद्र प्रभारी और पुलिस अधिकारियों को रोजाना केंद्रों का निरीक्षण और सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी तरह की पेपर लीक, नकल या तकनीकी गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जाए।
32 हजार से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती
उत्तर प्रदेश में 32,679 सिपाही पदों के लिए लिखित परीक्षा 8 जून से 10 जून तक आयोजित की जाएगी। इस भर्ती परीक्षा में करीब 28.86 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी।