लखनऊ: उत्तरप्रदेश पुलिस ने प्रशिक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर एक करोड़ से अधिक कोर्स पूरे करने वाला उत्तर प्रदेश पुलिस देश का पहला विभाग बन गया है। 8 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश के 3,58,633 पुलिसकर्मियों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया और कुल 1,00,48,188 कोर्स पूरे किए। इस दौरान 1,45,29,083 लर्निंग आवर्स दर्ज किए गए। इस उपलब्धि को पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने और विभाग को तकनीक के लिहाज से अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3.58 लाख से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने कराया पंजीकरण
उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर 8 अक्टूबर 2026 तक 3,58,633 पुलिसकर्मियों ने पंजीकरण कराया। इन पुलिसकर्मियों ने मिलकर 1 करोड़ से अधिक प्रशिक्षण कोर्स पूरे किए।
पोर्टल पर कुल 1,00,48,188 कोर्स पूरे होने के साथ 1,45,29,083 लर्निंग आवर्स दर्ज हुए। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस ने विभागीय प्रशिक्षण के क्षेत्र में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है।
वीकेंड ट्रेनिंग और साधना सप्ताह में भी बड़ी उपलब्धि
पुलिसकर्मियों को नियमित प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए विभाग ने विशेष अभियान भी चलाए।
वीकेंड ट्रेनिंग टारगेट: 1 अगस्त 2026 से शुरू अभियान के तहत 32,69,223 कोर्स पूरे किए गए।
साधना सप्ताह: 2 से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित अभियान के दौरान 28,03,435 कोर्स पूरे हुए।
इन अभियानों का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को नियमित रूप से नई तकनीकों, कानूनों और कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों का प्रशिक्षण देना है।
CM योगी के नेतृत्व में हासिल हुई उपलब्धि
उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व, डीजीपी राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन और डीजी (प्रशिक्षण) राजीव सभरवाल के पर्यवेक्षण में हासिल की।विभाग की ओर से प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने और पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। ऑनलाइन प्रशिक्षण के जरिए पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के साथ-साथ जरूरी विषयों की जानकारी भी हासिल कर सकते हैं।
साइबर अपराध से महिला सुरक्षा तक की ट्रेनिंग
iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर पुलिसकर्मियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
साइबर अपराध और डिजिटल साक्ष्य
वैज्ञानिक विवेचना और जांच प्रक्रिया
महिला एवं बाल सुरक्षा
कानून-व्यवस्था प्रबंधन
तकनीक आधारित पुलिसिंग और जनशिकायतों का निस्तारण
इन विषयों पर प्रशिक्षण से पुलिसकर्मियों को बदलती चुनौतियों के अनुरूप अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।
तकनीक-सक्षम और जवाबदेह पुलिसिंग पर जोर
उत्तरप्रदेश पुलिस का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण के आंकड़ों में बढ़ोतरी करना नहीं, बल्कि पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार लाना है। विभाग के अनुसार, प्रशिक्षण से पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने, शिकायतों का प्रभावी निस्तारण करने और नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में मदद मिलेगी।
साइबर अपराध जैसे तेजी से बदलते मामलों में तकनीकी जानकारी और वैज्ञानिक विवेचना की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में ऑनलाइन प्रशिक्षण व्यवस्था पुलिसकर्मियों को नई चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकती है।