लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में आयुष चिकित्सा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने पांच नए एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय स्थापित करने का फैसला किया है। इन संस्थानों में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी के साथ आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इन पांच मंडलों में बनेंगे नए आयुष कॉलेज
सरकार की योजना के तहत गोंडा, मीरजापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में नए एकीकृत आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों के जरिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर भी मिलेंगे।
चार मंडलों में जमीन पहले से उपलब्ध
प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पांचों मंडलों में भूमि चिन्हित कर ली गई है।
देवीपाटन मंडल (गोंडा) – ग्राम कोडर, वजीरगंज में 14.82 एकड़ भूमि
मीरजापुर मंडल – ग्राम अकोढ़ी में 13.83 एकड़ भूमि
मेरठ मंडल – गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील स्थित ग्राम सैदपुर हुसैनपुर डलना में 11 एकड़ भूमि
आगरा मंडल – किरावली तहसील के ग्राम अकबरा में 13.5 एकड़ भूमि
बस्ती मंडल – हर्रैया तहसील के ग्राम जोगापुर में 15 एकड़ भूमि
चार मंडलों में जमीन पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज की जा चुकी है, जबकि बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
शोध और नवाचार के केंद्र बनेंगे नए संस्थान
आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी. ने बताया कि सभी पांच मंडलों में भूमि उपलब्ध हो चुकी है और राजकीय एकीकृत आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालयों का डिजाइन तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये संस्थान केवल चिकित्सा शिक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाएंगे। यहां आयुर्वेदिक औषधियों, योग चिकित्सा, जीवनशैली आधारित उपचार और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।
छात्रों को अपने ही मंडल में मिलेगी उच्च शिक्षा
नए आयुष महाविद्यालयों के शुरू होने से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही मंडल में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। संस्थानों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, चिकित्सालय, अनुसंधान सुविधाएं और प्रशिक्षण केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।