मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा मासोनिक लॉज बस स्टैंड स्थित 80 आवासों को सील कर दिया गया भारी पुलिस बल के बीच मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण नगर पालिका परिषद मसूरी के अधिकारी आवासों को सील करने पहुंचे हालांकि कुछ परिवारों द्वारा पहले ही आवासों से अपना सामान हटा दिया गया था लेकिन कुछ परिवार वहीं पर रह रहे थे जिनके पास 2026 तक की रसीदे मौजूद थी लेकिन अधिकारियों द्वारा उच्च न्यायालय का हवाला देकर भावनो को खाली कर दिया गया
लोगों ने किया विरोध
कुछ लोगों द्वारा इसका हल्का विरोध भी किया गया इसके बाद प्रशासन ने उन्हें दो दिन का समय दिया है और 2 दिन के बाद फिर कार्यवाही की बात की गई है स्थानीय निवासी प्रियंका पवार ने बताया कि उनके पास नगर पालिका की रसीद है लेकिन कोई अधिकारी मानने के लिए तैयार नहीं है उन्होंने कहा कि जब यहां पर लोग रह रहे थे तब कार्यवाही नहीं की गई और लोगों को यहां पर बचाने दिया गया अब जबकि वह अपने बीमार पति के साथ यहां रह रही है तो शासन प्रशासन पूरी फोर्स लेकर यहां पर पहुंच गया है और उनसे मकान खाली करने के लिए कह रहे हैं उन्होंने बताया कि उन्हें कोई भी नोटिस नहीं दिया गया है ऐसी बरसात के मौसम में अपना परिवार देकर कहां जाएंगे
अनुज गुप्ता ने तानाशाही का लगाया आरोप
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि यह सालासर तानाशाही है और हाई कोर्ट से किसी भी प्रकार के आदेश जारी नहीं हुए हैं उन्होंने कहा कि चार वर्ष पूर्व हाई कोर्ट द्वारा भावनाओं के आवंटन पर रोक लगाई गई थी उन्होंने कहा कि यहां निवास करने वाले सभी स्थानीय निवासी हैं और बिना नोटिस के उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने बताया कि यहां पर 70 से 80 कमरे मौजूद है जहां पर अनाधीकृत रूप से लोग निवासरत थे उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई है अभी तीन कमरों को सील नहीं किया गया है जिनमें रहने वाले लोगों को दो दिन का समय दिया गया है इसके बाद 2 दिन बाद वहां पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी
अवैध कब्जों को लेकर किया निर्देशित
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि नगर पालिका की भूमि पर आवास बनाए गए थे जिन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया 2023 में उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें हाई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए यहां पर भावनाओं के आवंटन और अवैध कब्जों को लेकर निर्देशित किया गया था हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा यहां के बारे में जानकारी मांगी गई है जिस पर यह कार्रवाई की जा रही है