ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति सरकार व जनप्रतिनिधि कितने गंभीर है इसका जीता जागता उदाहरण चंपावत जिले की लोहाघाट विधानसभा के सीमांत लेटी डुंगरा क्षेत्र में देखा जा सकता है। जहा बच्चे रोज इंटर की पढ़ाई करने के लिए 25 किलोमीटर दूर पैदल आना-जाना कर मडलक इंटर कॉलेज तक पहुंचते हैं। जिसमें छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। छात्राओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके विद्यालय का उच्चीकरण करने की मांग की है।
स्कूल के उच्चीकरण की मांग
क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि व भाजपा नेता प्रवीण पांडे ने बताया कई बार शासन को लेटी डूंगरा हाई स्कूल के उच्चीकरण की मांग की गई थी पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया लेटी डुंगरा जर्मसो व बगोटी के बच्चे रोज धूप में 12वीं की शिक्षा ग्रहण करने लगभग 25 किलोमीटर पैदल चल राजकीय इंटर कॉलेज मडलक जाते है। इस दौरान छात्र-छात्राओं को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया बच्चों के आने-जाने के लिए शासन प्रशासन के द्वारा वाहन की व्यवस्था तक नहीं की गई है। प्रवीण पांडे ने कहा इस कठिनाई के चलते कई बच्चे हाई स्कूल के बाद पढ़ाई तक छोड़ चुके हैं।
पेयजल की काफी समस्या
उन्होंने सरकार से सीमांत क्षेत्र के बच्चों का हित देखते हुए डूंगरा लेटी हाई स्कूल का उच्चीकरण करने की मांग की है। ताकि क्षेत्र के अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सके उन्होंने बताया क्षेत्र की सड़क बदहाल है तथा पेयजल की भी काफी समस्या बनी रहती है। वही छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार से उनके विद्यालय के उच्चीकरण व वाहन व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। छात्र-छात्राओं ने कहा वह रोज पैदल चलते-चलते काफी थक जाते हैं जिसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ता है
छात्र-छात्राओं ने कहा वह रोज सुबह 5:00 बजे अपने स्कूल के लिए पैदल घर से स्कूल को निकलती है उन्हें रोज 25 किलोमीटर की दूरी नापनी पड़ती है तथा रास्ते में जंगली जानवरों का भी खतरा रहता है कहा शाम को भी वह 5:00 बजे तक अपने घर वापस पहुंच पाते हैं। अब देखना है बच्चों की गुहार पर शासन प्रशासन क्या कदम उठाता है। समस्या लंबे समय से बनी हुई है