हरिद्वार : लक्सर विकासखंड के मुंडाखेड़ा कला गांव से सरकारी योजना और सड़क निर्माण से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों के मुताबिक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा 2025-26 के तहत मेरा गांव मेरी सड़क योजना में मुंडाखेड़ा कला के लिए करीब 49 लाख 20 हजार रुपये की लागत से सड़क निर्माण प्रस्तावित था। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि जिस सड़क का निर्माण मुंडाखेड़ा कला में होना था वह दूसरी ग्राम पंचायत में बना दी गई।
मामले का खुलासा किसी विभागीय जांच के बजाय RTI के माध्यम से मिली जानकारी के बाद हुआ। जानकारी सामने आने के बाद शिकायतकर्ता संदीप समेत ग्रामीणों ने मामले को लेकर जिलाधिकारी हरिद्वार विकासखंड स्तर के अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
सड़क निर्माण दूसरी पंचायत में होने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क निर्माण को लेकर लंबे समय से उम्मीद थी कि योजना के तहत सड़क बनने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। लेकिन RTI से प्राप्त जानकारी के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुंडाखेड़ा कला के लिए प्रस्तावित सड़क का निर्माण दूसरी ग्राम पंचायत में करा दिया गया।
शिकायतकर्ता संदीप का आरोप है कि इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान की भूमिका संदिग्ध है। साथ ही विकासखंड के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि योजना मुंडाखेड़ा कला के लिए स्वीकृत थी तो उसका निर्माण दूसरी पंचायत में किस आधार पर कराया गया इसकी जांच होनी चाहिए।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों अथवा ग्राम प्रधान का पक्ष सामने आना बाकी है।
शिकायत के बाद सड़क का बोर्ड हटाने का भी आरोप
मामले में एक और आरोप ने सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर सड़क का निर्माण कराया गया था वहां योजना और निर्माण से संबंधित बोर्ड भी लगाया गया था।
ग्रामीणों के आरोप के मुताबिक शिकायत सामने आने के बाद कथित तौर पर आनन-फानन में रातों-रात सड़क का बोर्ड हटा दिया गया या उसे खुर्द-बुर्द कर दिया गया। इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
ग्रामीणों का सवाल है कि अगर सड़क का निर्माण पूरी तरह नियमों के मुताबिक हुआ था और योजना में किसी तरह की अनियमितता नहीं थी तो शिकायत के बाद निर्माण से संबंधित बोर्ड हटाने की जरूरत क्यों पड़ी
अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कार्रवाई पर सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन जिलाधिकारी हरिद्वार और विकासखंड स्तर के अधिकारियों तक की है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अभी तक ऐसी कोई ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई सामने नहीं आई है जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है और जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल
मुंडाखेड़ा कला के लिए प्रस्तावित सड़क का निर्माण दूसरी ग्राम पंचायत में कैसे हुआ?
49 लाख 20 हजार रुपये की योजना के स्थान में बदलाव किसके आदेश पर किया गया?
क्या सड़क निर्माण के स्थान में बदलाव के लिए सक्षम स्तर से अनुमति ली गई थी?
RTI से सामने आई जानकारी के बाद शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
अगर निर्माण नियमों के मुताबिक हुआ था तो शिकायत के बाद सड़क का बोर्ड हटाने का आरोप क्यों सामने आया?
क्या पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाएगी
फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए योजना से जुड़े दस्तावेजों स्वीकृति कार्यस्थल भुगतान और निर्माण की जांच की जाए तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।