मसूरी : पर्यटन नगरी मसूरी में बारिश के दौरान शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मसूरी-देहरादून मार्ग से लेकर माल रोड और वार्ड 1 से 13 तक कई सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश का पानी इन गड्ढों में भरने के कारण वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में सड़कों की बदहाली को लेकर नाराजगी है।
स्थानीय निवासी जगपाल गुसाईं ने कहा कि वार्ड 1 से 13 तक सड़कों की ऐसी स्थिति उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। उनके मुताबिक शहर की लगभग हर सड़क पर गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
सड़क के गड्ढों से हादसों का खतरा
स्थानीय निवासी दीपक सक्सेना ने बताया कि मसूरी गर्ल्स स्कूल के पास सड़क के गड्ढों की वजह से हादसा भी हो चुका है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
दीपक सक्सेना ने सड़क मरम्मत को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान कई बार रातों-रात सड़कों पर पैचवर्क कर दिया जाता है, लेकिन यह मरम्मत कुछ ही दिनों में फिर खराब हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल खानापूर्ति के लिए की जाने वाली मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।
किंगरेग में भी हालात खराब
किंगरेग क्षेत्र की सड़कों की स्थिति को लेकर स्थानीय निवासी जावेद ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे पैदल चलने वाले लोग भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वाहनों के गुजरने पर सड़क के गड्ढों में जमा गंदा पानी राहगीरों पर पड़ जाता है।
जावेद के अनुसार हाल ही में किंगरेग क्षेत्र में दो लड़कियां भी इसी सड़क पर गिर गईं। उन्होंने आशंका जताई कि सड़क निर्माण में खराब गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल भी सड़कों की जल्दी खराब होने का एक कारण हो सकता है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल में सड़कों की खराब स्थिति शहर की छवि को भी प्रभावित कर रही है। बारिश के मौसम में सड़क के गड्ढों में पानी भरने से स्थानीय निवासियों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि शहर की सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और सभी प्रमुख मार्गों पर बने गड्ढों की स्थिति का आकलन किया जाए। स्थानीय लोगों ने खानापूर्ति वाली पैचवर्क मरम्मत के बजाय गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करते हुए सड़कों की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है ताकि बारिश के दौरान जलभराव और गड्ढों के कारण होने वाले हादसों पर रोक लगाई जा सके।