देहरादून में आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन में उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं संगीत और इतिहास की जीवंत झलक देखने को मिली। इस कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों की सहभागिता के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
बैंड की मधुर प्रस्तुतियां
इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने प्रदेशवासियों से प्रकृति संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में नृत्य गीत और बैंड की मधुर प्रस्तुतियां सभी का मन मोह रही हैं। अगले दो दिनों तक चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेशवासियों को लोक परंपराओं लोक गीतों और लोक संगीत को करीब से जानने और महसूस करने का अवसर मिलेगा।
राज्यपाल ने यह भी बताया कि यह आयोजन केवल मनोरंजन का अवसर नहीं है बल्कि अपनी सभ्यता और इतिहास को समझने का भी महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इन तीन दिनों को उत्सव की तरह मनाएं और प्रकृति के साथ आत्मिक जुड़ाव स्थापित करें।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की प्राकृतिक सुंदरता सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराएं सभी को नई ऊर्जा देती हैं। साथ ही इस अवसर को अपनी लगन और पैशन को सही दिशा देने का समय भी बताया।
राज्यपाल ने कार्यक्रम की विविध प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उपस्थित लोगों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और उत्तराखंड की लोक संस्कृति का जश्न मनाया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने प्रदेशवासियों को संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
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