उत्तराखंड में खटीमा के सुदूर वर्ती वन क्षेत्र वग्गा 54 में रहने वाले 65 वर्षीय शेर सिंह की वन्य जीवों द्वारा हमला कर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार मृतक शेर सिंह अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल गए थे।
घरवालों और ग्रामीणों ने खोजबीन की
जब शाम को मवेशी घर पहुंचे तो शेर सिंह वापस नहीं लौटे। उनके घरवालों और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की और जंगल में जाकर उन्हें दो बाघ दिखाई दिए। थोड़ी दूरी पर शेर सिंह का शव मिला, जिसके कुछ अंग वन्य जीवों द्वारा क्षतिग्रस्त थे। ग्रामीणों की आवाज सुनकर वन्य जीव वहां से भाग गए। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से शव को कब्जे में लेकर वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक चिकित्सालय खटीमा भेजा। नागरिक चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. वी.पी. ने बताया कि शव की पोस्टमार्टम प्रक्रिया जारी है। परिवारजनों ने भी पुष्टि की कि किसी वन्य जीव ने उन पर हमला किया था। यह घटना वन क्षेत्र में वन्य जीवों और मानव संघर्ष की गंभीरता को दर्शाती है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग मामले की जांच कर रहे हैं और लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है।
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