कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को अब अपना वॉयस सैंपल देना होगा। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अभिषेक बनर्जी ने वॉयस सैंपल देने के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई याचिका को वापस लेने की अनुमति मांगी है। उनके वकील ने अदालत में याचिका वापस लेने की अपील की, जिसके बाद यह साफ हो गया है कि अभिषेक बनर्जी को 15 जुलाई को तय समय पर जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद बदला रुख
वॉयस सैंपल देने के मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने कड़ी टिप्पणी की थी। इसके बाद अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर चुनौती याचिका वापस लेने का फैसला लिया गया। अब उन्हें जांच प्रक्रिया में सहयोग करते हुए निर्धारित तारीख पर अपनी आवाज का नमूना देना होगा।
सुरक्षा को लेकर अभिषेक की मांग
वहीं, अभिषेक बनर्जी की ओर से अदालत में सुरक्षा को लेकर भी आश्वासन मांगा गया है। उनके वकील ने कहा कि यदि वह जांच एजेंसी के समक्ष पेश होते हैं, तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। खास तौर पर पहले हुई अंडा फेंकने की घटना का हवाला देते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा देने की मांग की गई है।
सोनारपुर दौरे के दौरान हुआ था विरोध
बता दें कि 30 मई को विधानसभा चुनाव में हार के बाद अभिषेक बनर्जी पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए थे। वह सोनारपुर में एक दिवंगत पार्टी कार्यकर्ता के घर पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी ओर अंडे फेंके थे। इस घटना के बाद से अभिषेक बनर्जी सार्वजनिक रूप से कम ही दिखाई दिए हैं और ज्यादातर अपनी पेशी या कालीघाट स्थित आवास तक सीमित रहे हैं।