उत्तर 24 परगना/कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और मंत्री अर्जुन सिंह ने पश्चिम बंगाल में उद्योग, रोजगार और भयमुक्त माहौल बनाने के लिए राज्य को गुजरात के मॉडल पर विकसित करने का आह्वान किया है। बुधवार को जगदल स्थित अपने आवास पर बैरकपुर संगठनात्मक जिला बीजेपी की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अर्जुन सिंह ने दावा किया कि बंगाल की जनता भी चाहती है कि राज्य गुजरात की तरह प्रगति करे। इसके साथ ही श्रम मंत्री के रूप में उन्होंने श्रम विभाग की बैठक में राज्य की सभी जूट मिलों को सितंबर महीने के भीतर ही श्रमिकों को दुर्गा पूजा का बोनस भुगतान करने का कड़ा निर्देश जारी किया है।
गुजरात मॉडल की तारीफ और पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला
गुजरात के औद्योगिक विकास का उदाहरण देते हुए अर्जुन सिंह ने कहा कि कभी सूखे और खेती की समस्याओं से जूझने वाला गुजरात आज देश और दुनिया में निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कहीं अच्छी चीजें हो रही हैं, तो उन्हें अपनाने में क्या हर्ज है? बंगाल में वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासनकाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों के इस शासन में राज्य के उद्योग, शिक्षा और संस्कृति को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे लाखों युवाओं को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है।
जादवपुर विश्वविद्यालय और खाद्य सुरक्षा प्रणाली पर तीखा तंज
संवाददाता सम्मेलन के दौरान अर्जुन सिंह ने जादवपुर विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि वामपंथियों और टीएमसी के कारण यह प्रतिष्ठित संस्थान अब "नशे का अड्डा" बनकर रह गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सीपीआईएम का अस्तित्व अब केवल जादवपुर तक ही सीमित है। वहीं, राज्य में सड़ा हुआ मांस खाने से लोगों के बीमार होने की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट पहले सोया हुआ था, लेकिन वर्तमान प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से ही अब गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों में बीजेपी की भारी मतों से जीत का दावा किया।
जूट मिल श्रमिकों को सितंबर में बोनस और नई नियमावली पर आश्वासन
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल के जूट उद्योग की स्थिति को लेकर श्रम विभाग में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मंत्री अर्जुन सिंह ने स्पष्ट किया कि सभी जूट मिलों को सितंबर माह के अंत तक श्रमिकों को पूजा बोनस देना अनिवार्य होगा। उन्होंने श्रमिक यूनियनों और मिल मालिकों से मिलों को चालू रखने में सहयोग की अपील की। मंत्री ने आश्वासन दिया कि पूजा की छुट्टियों के बाद श्रमिकों की मजदूरी, नए समझौतों और लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, क्योंकि राज्य की हर जूट मिल को सुचारू रूप से चलाना सरकार की प्राथमिकता है।