कोलकाता : भाजपा विधायक और ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने नैहाटी स्थित उनके पैतृक घर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना का ऐलान किया है। विधायक ने कहा कि इस ऐतिहासिक धरोहर को अब विश्वस्तरीय पहचान दिलाई जाएगी, ताकि देश-विदेश से लोग यहां आकर बंकिम चंद्र की विरासत को करीब से जान सकें।
नैहाटी को बनाया जाएगा पर्यटन हब
सुमित्रो चटर्जी ने बताया कि केंद्र सरकार नैहाटी को साहित्य और संस्कृति से जुड़े बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि इलाके की बड़ी झील को विकसित कर मत्स्य परियोजना, रिसॉर्ट और “डेस्टिनेशन वेडिंग” स्थल भी बनाया जा सकता है।
'वंदे मातरम्’ को मिला वास्तविक सम्मान
भाजपा विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब ‘वंदे मातरम्’ को सही सम्मान मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की विरासत के संरक्षण पर गंभीरता से काम नहीं किया।
बंकिम चंद्र की विरासत को नई पहचान
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म 1838 में नैहाटी के काठालपाड़ा गांव में हुआ था। उन्होंने ही ‘वंदे मातरम्’ की रचना की थी, जिसे बाद में उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया गया।