कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच सियासत गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। पार्टी का दावा है कि अग्रवाल ने भाजपा से जुड़े एक कार्यकर्ता के साथ हिंदू बहुल इलाकों का दौरा किया और मतदाताओं से संपर्क साधा।
क्या हैं TMC के आरोप?
तृणमूल कांग्रेस के मुताबिक, पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम दौरे के दौरान मनोज अग्रवाल भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के करीबी नेता के साथ नजर आए। पार्टी ने इसे चुनावी निष्पक्षता के खिलाफ बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है। TMC नेताओं का कहना है कि यह आचार संहिता का उल्लंघन है।
सीईओ मनोज अग्रवाल का जवाब
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज अग्रवाल ने साफ कहा कि उनके दौरे का उद्देश्य केवल प्रशासनिक निरीक्षण था। उन्होंने कहा,
“जिला प्रशासन मुझे अलग-अलग स्थानों पर लेकर गया, वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। मैं यह नहीं पहचान सकता कि कौन किस पार्टी से जुड़ा है। अगर कोई यह साबित कर दे कि मेरा किसी राजनीतिक दल से संबंध है, तो मैं तुरंत इस्तीफा दे दूंगा।”
तस्वीर पर भी छिड़ा विवाद
इस बीच, TMC के सोशल मीडिया हैंडल से एक तस्वीर साझा की गई, जिसमें मनोज अग्रवाल के साथ भाजपा नेता तपन कुमार मोहपात्रा नजर आ रहे हैं। दावा किया गया कि यह तस्वीर नंदीग्राम दौरे की है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
ममता बनर्जी ने भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि सीईओ भाजपा से जुड़े लोगों के साथ घूम रहे थे। इसके बाद TMC नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को और जोर-शोर से उठाया।
चुनावी माहौल में बढ़ा तनाव
इस पूरे विवाद ने चुनावी निष्पक्षता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर TMC इसे गंभीर मुद्दा बता रही है, वहीं दूसरी ओर चुनावी अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठना राजनीतिक माहौल को और गरमा रहा है।