कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी रुझानों के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गर्म है। उत्तर से लेकर दक्षिण बंगाल तक बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक गेरुआ अबीर उड़ाकर जश्न में डूबे नजर आए। कोलकाता स्थित राज्य बीजेपी कार्यालय में भी भारी उत्साह देखने को मिला, जहां मिठाइयों का वितरण हुआ और जश्न का माहौल बना रहा। लेकिन इस बीच सबसे खास और चर्चा में रही बात यह रही कि बीजेपी दफ्तर में डीजे की जगह रवीन्द्रसंगीत बजाया गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय राज्य बीजेपी अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य के निर्देश पर लिया गया। राजनीतिक हलकों में इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर बंगाली संस्कृति से जुड़ा संदेश देता है।
राजनीतिक संदेश भी साफ
जानकारी के अनुसार, जैसे ही चुनावी रुझानों में बीजेपी को बढ़त के संकेत मिलने लगे, पार्टी कार्यालय में यह सांस्कृतिक बदलाव देखा गया। कई नेताओं ने इसे “सांस्कृतिक जुड़ाव” का संदेश बताया।वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से पहले यह आरोप लगाया गया था कि बीजेपी बंगाली संस्कृति और खान-पान की परंपराओं के खिलाफ है। इसके जवाब में बीजेपी लगातार खुद को ‘माछ-भात’ की संस्कृति से जोड़ने की कोशिश करती रही है। इसी क्रम में पार्टी नेताओं द्वारा प्रचार के दौरान स्थानीय खान-पान और परंपराओं को भी प्रमुखता से दिखाया गया था।
जश्न के बीच सियासी संकेत
राज्य में कई सीटों पर बीजेपी की बढ़त और कुछ प्रमुख उम्मीदवारों की जीत की खबरों के बीच कार्यकर्ताओं में उत्साह चरम पर है। जगह-जगह गेरुआ रंग में लोग जश्न मनाते नजर आए।इसी माहौल में पार्टी कार्यालय में रवीन्द्रसंगीत बजना केवल एक सांस्कृतिक कदम नहीं बल्कि एक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।