बीरभूम: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक बार फिर बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने का मामला सामने आया है। बोलपुर के महिदापुर इलाके में नाका चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक लग्जरी कार को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के अंदर एक बक्सा मिला, जिसमें भारतीय मुद्रा के साथ विदेशी करेंसी भी बरामद हुई। पुलिस ने इस मामले में संतोष शेख समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ कर नकदी के स्रोत और उसके संभावित इस्तेमाल का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

महिदापुर में नाका चेकिंग के दौरान रोकी गई लग्जरी कार
पुलिस के मुताबिक, सोमवार को बोलपुर के महिदापुर इलाके में नियमित रूप से नाका चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सिउड़ी की तरफ से आ रही एक लग्जरी कार पुलिस के संदेह के घेरे में आई। अधिकारियों ने कार को रोककर उसकी तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान कार में रखा एक बक्सा पुलिस के हाथ लगा। बक्से को खोलने पर उसमें भारतीय मुद्रा के अलावा विदेशी करेंसी भी मिली। नकदी बरामद होते ही पुलिस ने कार सवार दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है।
पुलिस को पहले से मिला था इनपुट
बताया जा रहा है कि नाका चेकिंग से पहले पुलिस को इस संबंध में कुछ महत्वपूर्ण इनपुट मिले थे। इसी सूचना के आधार पर महिदापुर इलाके में वाहनों की जांच तेज की गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम वास्तव में कितनी है और उसमें भारतीय तथा विदेशी मुद्रा का कितना हिस्सा शामिल है। इसके साथ ही नकदी को लेकर जरूरी दस्तावेज या वैध स्रोत मौजूद हैं या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
कहां से आई इतनी बड़ी रकम, किसके पास जानी थी?
बरामद नकदी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि रकम कहां से लाई गई थी और इसे किस जगह पहुंचाया जाना था। जांच टीम दोनों संदिग्धों के मोबाइल फोन और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी खंगाल रही है। उनके यात्रा मार्ग और पिछले कुछ समय की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। जिस लग्जरी कार से बक्सा मिला है, उसके मालिकाना हक और वाहन के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या यह रकम किसी अवैध लेनदेन से जुड़ी हो सकती है।
टुलू मंडल कनेक्शन ने बढ़ाया रहस्य
इस पूरे मामले में बीरभूम के चर्चित बालू कारोबारी टुलू मंडल के संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद देशी-विदेशी मुद्रा का टुलू मंडल या उसके नेटवर्क से कोई संबंध है या नहीं। नकदी मिलने के बाद जांच टीम की ओर से कुछ संभावित ठिकानों पर छापेमारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन कार्रवाईयों से जुड़ी विस्तृत जानकारी फिलहाल पुलिस की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियां बरामद रकम और संदिग्धों के बीच संबंधों को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
मोबाइल और संपर्कों की जांच से खुलेगा राज
हिरासत में लिए गए दोनों लोगों के मोबाइल फोन जांच का अहम हिस्सा बताए जा रहे हैं। पुलिस उनके कॉल रिकॉर्ड, संपर्कों और हालिया बातचीत से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे किन लोगों के संपर्क में थे। इसके अलावा कार की आवाजाही और संभावित यात्रा मार्ग की भी पड़ताल की जा रही है। जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि क्या दोनों आरोपी पहले भी इसी तरह की किसी गतिविधि में शामिल रहे हैं। बरामद विदेशी मुद्रा को लेकर भी संबंधित स्रोत और उसके भारत में आने की परिस्थितियों की जांच की जा सकती है। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
जांच के बाद सामने आएगी कैश कांड की पूरी तस्वीर
बोलपुर में हुई इस बरामदगी ने एक बार फिर बीरभूम में अवैध नकदी के संभावित नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद पैसा किसका है और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। पुलिस ने दोनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। टुलू मंडल से कथित कनेक्शन की जांच भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही यह साफ होगा कि इस नकदी का वास्तविक स्रोत क्या था।