कोलकाता: भाजपा नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साल्टलेक और मध्यमग्राम में प्रशासन की कार्रवाई के दौरान होटल-रेस्तरां से सड़ा हुआ मांस मिलने के मामले पर चिंता जताते हुए साफ-सफाई और स्वास्थ्य नियमों के पालन की जरूरत बताई। वहीं, कैमाक स्ट्रीट मामले में अभिषेक बनर्जी की अदालत में पेशी को लेकर उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। हिंगलগঞ্জ में कथित धर्मांतरण के प्रयासों के मुद्दे पर भी दिलीप घोष ने सवाल उठाए और लोगों से सतर्क रहने की अपील की। इसके अलावा पाकिस्तान में हिंदू मंदिर तोड़े जाने की घटना पर उन्होंने पाकिस्तान सरकार पर निशाना साधते हुए अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए। प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच नाफेड की ओर से 35 रुपये किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराने की जानकारी भी उन्होंने साझा की। भारत-ब्राजील फुटबॉल मैच को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से होगा। साथ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की गतिविधियों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर भी दिलीप घोष ने अपनी राय रखी।
होटल से मिला सड़ा मांस, साल्टलेक और मध्यमग्राम में प्रशासन की कार्रवाई
दिलीप घोष ने साल्टलेक और मध्यमग्राम में होटल-रेस्तरां के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कहा कि लंबे समय से कई जगहों पर नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ होटल और रेस्तरां में ग्राहकों को अस्वास्थ्यकर और सड़ा हुआ मांस परोसे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उनके मुताबिक, प्रशासन की ओर से अब शिकायत मिलने वाले स्थानों पर कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि कई जगह सरकारी जमीन पर भी कथित तौर पर बिना अनुमति के होटल बनाए गए हैं। सड़क किनारे चल रहे कई प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य मानकों का पालन नहीं होने का भी उन्होंने दावा किया। दिलीप घोष ने कहा कि यह व्यवस्था लंबे समय से चली आ रही है, इसलिए इसे पूरी तरह ठीक करने में समय लगेगा। उन्होंने होटल कारोबारियों से जरूरी अनुमति और लाइसेंस लेकर नियमों का पालन करने की अपील की।
अभिषेक बनर्जी की अदालत में पेशी पर दिलीप घोष का बयान
कैमाक स्ट्रीट मामले में अभिषेक बनर्जी की अदालत में पेशी को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस जिस मामले की जांच कर रही है, उसमें अगर किसी तरह की कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हो रही है तो उस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। दिलीप घोष के मुताबिक, किसी बड़े नेता द्वारा अगर कानून के बाहर जाकर काम किया जाता है तो इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी कार्रवाई और जांच के तहत यह सुनिश्चित करने पहुंची थी कि सब कुछ नियमों के अनुसार हो। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के राजनीतिक कद का जिक्र करते हुए कहा कि बड़े नेताओं को कानून का पालन करने में उदाहरण पेश करना चाहिए। उनके मुताबिक, जनप्रतिनिधियों से लोगों को जिम्मेदारी और कानून के सम्मान की उम्मीद रहती है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में अंतिम फैसला कानून और अदालत की प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए।
हिंगलगंज में कथित धर्मांतरण के प्रयास पर जताई चिंता
हिंगलगंज में कथित धर्मांतरण के प्रयास को लेकर भी दिलीप घोष ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सुंदरबन, जंगलमहल और कोलकाता के कुछ बस्तियों वाले इलाकों में भी धर्मांतरण की कोशिशों की खबरें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को लेकर आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के कारण ऐसे मामलों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उनके मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों से समाज में तनाव और असंतोष पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से कुछ जगहों पर कार्रवाई भी की गई है और आने वाले समय में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, धर्मांतरण से जुड़े उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में नहीं की गई है।
पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने पर दिलीप घोष का हमला
पाकिस्तान में करीब सौ साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने के मुद्दे पर दिलीप घोष ने पाकिस्तान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपने देश के विकास और व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए था, लेकिन वहां अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों को लेकर लगातार विवाद सामने आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे धर्मों के लोगों और उनके धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने से किसी देश का विकास नहीं हो सकता। दिलीप घोष ने कहा कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति से यह समझा जा सकता है कि किसी देश के विकास की जगह धार्मिक आधार पर टकराव को बढ़ावा देने का क्या परिणाम हो सकता है। उन्होंने बांग्लादेश में भी अल्पसंख्यकों को लेकर सामने आ रही घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाना किसी भी समाज के हित में नहीं है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाओं का नुकसान अंततः संबंधित देश और उसके समाज को ही उठाना पड़ता है।
प्याज की बढ़ती कीमत पर केंद्र की पहल, 35 रुपये किलो में बिक्री
प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार की ओर से सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराने की पहल का भी दिलीप घोष ने जिक्र किया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय संस्था नाफेड की ओर से पश्चिम बंगाल में प्याज की आपूर्ति शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है और दो किलो का पैकेट 70 रुपये में दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, नाफेड प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए पहले से खरीद कर उसका भंडारण करता है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के नासिक में उत्पादन के समय प्याज की खरीद की जाती है। अब पश्चिम बंगाल में कीमत बढ़ने के बाद वहां से प्याज की खेप राज्य के अलग-अलग जिलों में भेजी जा रही है। दिलीप घोष ने कहा कि इससे आम लोगों को बाजार की ऊंची कीमतों से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
भारत-ब्राजील फुटबॉल मैच को लेकर बोले दिलीप घोष, पिछली घटना का भी किया जिक्र
भारत-ब्राजील फुटबॉल मैच के टिकटों की बिक्री शुरू होने को लेकर दिलीप घोष ने उम्मीद जताई कि इस बार आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से होगा। उन्होंने कहा कि खेल आयोजनों में जरूरत से ज्यादा राजनीतिक नेताओं की दखलअंदाजी होने पर अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने पिछले वर्ष लियोनेल मेसी से जुड़े कार्यक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां टिकट खरीदने वाले कई दर्शकों को ठीक से मैच या कार्यक्रम देखने का मौका नहीं मिला। दिलीप घोष ने कहा कि उस दौरान नेताओं और उनके करीबियों की मौजूदगी को लेकर भी विवाद हुआ था। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग दोषी पाए जाएं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार दर्शकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। साथ ही उन्होंने खेल आयोजनों को राजनीति से दूर रखने की जरूरत बताई।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर मोदी की तस्वीर हटाने के सवाल पर बयान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को हटाए जाने से जुड़े सवाल पर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच जारी राजनीतिक तनाव के संदर्भ में इस तरह की गतिविधियों को देखा। दिलीप घोष ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ राजनीतिक संदेश देने के बजाय अपने देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पड़ोसी देश की नीतियों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि आपसी तनाव बढ़ाने से किसी भी देश को फायदा नहीं होगा। उनके मुताबिक, भारत अपनी विकास यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भी अपने नागरिकों के हित और विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस मुद्दे पर पाकिस्तान की ओर से सामने आने वाले आधिकारिक स्पष्टीकरण को भी महत्वपूर्ण माना जाएगा।
पुतिन से नजदीकी बढ़ाने की कोशिश पर पाकिस्तान पर तंज
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी को लेकर भी दिलीप घोष ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अलग-अलग देशों के साथ अपने संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में केवल किसी देश के करीब जाने से उसकी समस्याओं का समाधान नहीं होता। उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक और आंतरिक स्थिति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे पहले अपने देश की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने भारत की विदेश नीति को भी पाकिस्तान के मुकाबले मजबूत बताया। दिलीप घोष के बयान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की रूस के साथ बढ़ती सक्रियता पर राजनीतिक कटाक्ष देखने को मिला। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत स्थिति के लिए आर्थिक मजबूती और स्थिरता जरूरी है। हालांकि, पुतिन के साथ पाकिस्तान की कूटनीतिक गतिविधियों को लेकर उन्होंने कोई विस्तृत तथ्य पेश नहीं किया।
जीडीपी पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री पर तंज के सवाल पर प्रतिक्रिया
जीडीपी को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पर तंज के सवाल पर दिलीप घोष ने विपक्ष की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़ों को राजनीतिक बयानबाजी से अलग रखकर देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, आर्थिक विकास का सीधा असर रोजगार, व्यापार और आम लोगों की आय पर पड़ता है। उन्होंने विपक्ष और सरकार दोनों से आर्थिक मुद्दों पर तथ्य आधारित चर्चा करने की जरूरत बताई। दिलीप घोष ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था लगातार वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वहीं, विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि जनता के सामने वास्तविक आर्थिक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।