कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दमदम स्थित तृणमूल कांग्रेस के वार्ड नंबर 4 कार्यालय से बड़ी संख्या में वोटर कार्ड, राशन कार्ड और जमीन-मकान के दस्तावेज मिलने के दावे के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने इस मामले को लेकर तृणमूल पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने मौके से बरामद दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
वार्ड कार्यालय खुलते ही मिले कई दस्तावेज
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर दमदम के साबुतला इलाके में स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने वार्ड कार्यालय का ताला खोला। इसके बाद स्थानीय भाजपा विधायक अरिजीत बक्सी समेत पार्टी के कई नेता मौके पर पहुंचे। कार्यालय के अंदर रखी अलमारी से बड़ी संख्या में वोटर कार्ड, राशन कार्ड और जमीन-मकान के दस्तावेज मिलने का दावा किया गया। दस्तावेज मिलने की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई।
भाजपा विधायक ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा विधायक अरिजीत बक्सी ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 4 के पार्षद तापस राय और उनके सहयोगी स्थानीय लोगों को डराकर उनके जमीन-मकान के दस्तावेज अपने कब्जे में लेते थे और उन्हें प्रमोटरों के हाथों सौंपने की साजिश रचते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्थानीय लोगों ने पार्षद और उनके सहयोगियों पर इलाके में कथित तौर पर तोलाबाजी (उगाही) करने के आरोप लगाए हैं।
वोटर कार्ड और राशन कार्ड के दुरुपयोग का भी आरोप
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि इसी वार्ड कार्यालय से वोटर कार्ड और राशन कार्ड का इस्तेमाल कर मृत व्यक्तियों के नाम पर मतदान कराने तथा बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता दिलाने की कथित साजिश चलाई जाती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इस संबंध में तृणमूल कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पुलिस ने दस्तावेज किए जब्त, कई लोग हिरासत में
घटना की सूचना मिलने पर दमदम थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बरामद दस्तावेजों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी और वार्ड कार्यालय से पार्षद समेत कई लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिस जब वहां से लेकर जा रही थी, तब मौके पर मौजूद लोगों ने "चोर-चोर" के नारे लगाए, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस जांच पर टिकीं निगाहें
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। बरामद दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वे वार्ड कार्यालय में किस उद्देश्य से रखे गए थे और भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। मामले की जांच के नतीजों और सभी पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।