कोलकाता - केंद्र सरकार आज लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। हाल के पेपर लीक मामलों और देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बाद सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए यह विधेयक ला रही है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य पेपर लीक, नकल और परीक्षा से जुड़े संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना है।

सायोनी घोष ने चर्चा में सहयोग की अपील की
NCPI सांसद सायोनी घोष ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही इस विषय पर चर्चा चाहती थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष भी सदन में सकारात्मक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने छात्रों की आवाज सुनी है और जो कदम उठाए गए हैं, उनका स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
किरण रिजिजू बोले- पेपर लीक पर बनेगा कठोर कानून
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पेपर लीक की घटनाओं ने देशभर में चिंता पैदा की है और छात्रों ने भी आंदोलन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर बड़े फैसले लिए हैं और अब सरकार सख्त कानून लेकर आ रही है। रिजिजू ने सभी दलों से विधेयक पर चर्चा में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि इससे देश को सकारात्मक संदेश जाएगा।
विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल
TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि NTA परीक्षा सुधार के लिए हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन स्वागतयोग्य है, लेकिन विपक्ष की सभी मांगें अब भी पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग के मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।
वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं की चेतना को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और विपक्ष आगे की रणनीति पर विचार करेगा।
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री ने किया कानून का समर्थन
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही सख्त कानून लाने की घोषणा की थी और अब वह वादा पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है, इसलिए इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए कठोर कानून जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
छात्रों की उम्मीदें विधेयक से जुड़ीं
देशभर में लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों के बाद यह विधेयक छात्रों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें संसद की चर्चा और सरकार द्वारा प्रस्तावित नए प्रावधानों पर टिकी हैं। यदि यह कानून पारित होता है, तो परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जाएगा।