कोलकाता: नेताजी इंडोर स्टेडियम में भव्य समारोह के साथ 10वीं इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप- इंडियन चैलेंजर्स कप 2026 का शुभारंभ हो गया। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन सेईशिनकाई शितो-र्यू कराटे-डो फेडरेशन द्वारा कराटे-डो एसोसिएशन ऑफ बंगाल के सहयोग से किया गया है। खेल जगत की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता को बंगाल ओलंपिक एसोसिएशन की मान्यता प्राप्त है। उद्घाटन समारोह में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल अधिकारियों और बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
31 जुलाई से 2 अगस्त तक चलेगी प्रतियोगिता
31 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित होने वाली इस चैंपियनशिप में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ कई देशों के नामी कराटे खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्ग और भार वर्ग के मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं, जहां खिलाड़ी अपने कौशल, तकनीक और फिटनेस का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों के अनुसार इस टूर्नामेंट का उद्देश्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराना और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना है।
विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाया आयोजन का गौरव
उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ राजनीतिक नेता शमिक भट्टाचार्य और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष स्नेहाशीष गांगुली विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और बेहतर व्यक्तित्व निर्माण का भी आधार हैं। उन्होंने युवाओं से खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की और इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को राज्य के लिए गौरवपूर्ण बताया।
मणिपाल हॉस्पिटल्स बना आधिकारिक मेडिकल पार्टनर
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मणिपाल हॉस्पिटल्स को आधिकारिक मेडिकल पार्टनर बनाया गया है। पूरे आयोजन के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, डॉक्टरों की टीम और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, ताकि किसी भी परिस्थिति में खिलाड़ियों को तत्काल इलाज मिल सके।
युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
आयोजन समिति का कहना है कि इस अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप का मुख्य उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, आत्मरक्षा की भावना, खेल भावना और शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना है। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं, बल्कि भारत और अन्य देशों के खिलाड़ियों के बीच अनुभव साझा करने तथा खेल संस्कृति को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण मंच साबित होते हैं।