कोलकाता: जादवपुर विश्वविद्यालय में हालिया अशांति के बीच उच्च शिक्षा मंत्री जगरनाथ चट्टोपाध्याय ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के अनावश्यक विवाद का असर विश्वविद्यालय की शिक्षा और शोध की गुणवत्ता पर नहीं पड़ना चाहिए।
शिक्षा और शोध की पहचान को मजबूत करने पर जोर
जगरनाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपनी शिक्षा और शोध के लिए जाना जाता है। उच्च शिक्षा विभाग का लक्ष्य विश्वविद्यालय की इस प्रतिष्ठा को और ऊंचाई तक ले जाना है। उन्होंने किसी भी उकसावे या उसके जवाब में होने वाली घटनाओं को निंदनीय बताया।
NEP 2020 के बेहतर परिणाम मिलने का दावा
मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 यानी NEP 2020 के क्रियान्वयन को लेकर कहा कि पश्चिम बंगाल में इसकी प्रक्रिया भले ही कुछ देर से शुरू हुई, लेकिन अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इसके और बेहतर नतीजे देखने को मिलेंगे।
विश्वविद्यालयों को साथ लेकर आगे बढ़ेगा काम
जगरनाथ चट्टोपाध्याय ने बताया कि NEP से जुड़े काम की जिम्मेदारी प्रोफेसर एम. जगदेश कुमार संभाल रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को साथ लेकर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि नई शिक्षा नीति को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
नौकरी बहाली का मामला स्कूल शिक्षा विभाग देखेगा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नौकरी बहाली से जुड़े मामलों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा देखने की बात भी उच्च शिक्षा मंत्री ने कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर विभाग आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
कॉलेजों में राजनीतिक हिंसा पर सख्त संदेश
मंत्री ने कॉलेज और विश्वविद्यालयों में राजनीति के नाम पर होने वाली हिंसा को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कॉलेज चुनाव में बमबाजी या शिक्षकों के कक्षाओं में अनुपस्थित रहने जैसी स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सांसद-विधायकों को भी जिम्मेदारी
जगरनाथ चट्टोपाध्याय ने बताया कि शिक्षा संस्थानों में सामान्य माहौल बहाल करने के लिए सांसदों और विधायकों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा गया है। सरकार का प्रयास है कि सभी शिक्षण संस्थानों में शांतिपूर्ण और सामान्य शैक्षणिक वातावरण कायम रहे।