कोलकाता: जादवपुर विश्वविद्यालय में पिछले कुछ दिनों से जारी हिंसक झड़पों और विवादित गतिविधियों के बीच पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चटर्जी ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार (25 अगस्त 2026) को बयान जारी करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में शांति बनाए रखने की अपील की और स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर उपद्रव तथा शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, कोलकाता पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मनोज कुमार झा ने मंगलवार को परिसर पहुंचकर मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।
उच्च शिक्षा मंत्री की कड़ी चेतावनी और शांति की अपील
उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चटर्जी ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय देश और दुनिया में अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और शोध के लिए जाना जाता है। ऐसे में किसी भी 'फालतू के विवाद' के कारण इसकी छवि खराब नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "उकसावे या उसके जवाब में जो भी घटनाएं घट रही हैं, वे निंदनीय हैं। अगर जादवपुर में लोकतांत्रिक माहौल वापस लाना है, तो कुछ प्रशासनिक कदम उठाने पड़ सकते हैं।" उन्होंने यह भी साफ किया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हिंसा, बमबारी या अध्यापकों की कक्षाओं से अनुपस्थिति जैसे माहौल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

'देशविरोधी गतिविधियों और विवादित नारों पर जताई आपत्ति'
शिक्षकों के लिए आयोजित एक कार्यशाला में बोलते हुए मंत्री जगन्नाथ चटर्जी ने जादवपुर की दीवारों पर लिखे विवादित नारों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की दीवारों पर 'फैसिस्टों को गोली मारो' जैसे नारे लिखना गलत है। उन्होंने कहा, "हम किसी को गोली मारना नहीं चाहते, लेकिन जो लोग वहां देशविरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, उन्हें देश का सम्मान करना सीखना होगा।" गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंद्रु अधिकारी ने भी जादवपुर विश्वविद्यालय के आर्ट्स हॉस्टल के वीडियो और दीवारों पर लिखे आपत्तिजनक नारों पर कड़ा ऐतराज जताया था।

ACP मनोज कुमार झा ने की जांच, CCTV फुटेज की मांग
विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की जांच के तहत मंगलवार को एसीपी मनोज कुमार झा जादवपुर पहुंचे और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सेलिम बक्स मंडल से लगभग 45 मिनट तक बातचीत की। पुलिस ने बीते बुधवार और गुरुवार के दौरान परिसर में लगे विशिष्ट सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और वीडियो साक्ष्य मांगे हैं। रजिस्ट्रार ने पुष्टि की कि पुलिस की मांग के अनुसार कानूनी और गोपनीय प्रक्रिया का पालन करते हुए फुटेज सौंपने का काम शुरू कर दिया गया है।
19 अगस्त को हुई झड़प से गरमाया हुआ है माहौल
उल्लेखनीय है कि 19 अगस्त को जादवपुर विश्वविद्यालय में FETSU की जनरल बॉडी बैठक के दौरान एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस दौरान झंडे जलाए गए और विश्वविद्यालय में तोड़फोड़ की गई। अगली सुबह भी विरोध प्रदर्शनों के दौरान तनाव बना रहा, जिसमें जादवपुर विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक प्रतीक चिह्न (Emblem) टूट गया था। पुलिस अब इन सभी घटनाओं की कड़ियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।