कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने ऑडिट और अकाउंट सर्विस के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य की शिक्षा, शोध, औद्योगिक निवेश और वित्तीय व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
बंगाल का गौरव वापस लाने का लक्ष्य
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि बंगाल की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को पश्चिम बंगाल का गौरव वापस लाने की जिम्मेदारी दी है। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है और राज्य को विकास के नए रास्ते पर ले जाने का लक्ष्य है।
शिक्षा और शोध में पुराना मुकाम हासिल करने की कोशिश
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि बंगाल शिक्षा, शोध और औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में पांच दशक पहले जिस स्थान पर था, अगर राज्य उस मुकाम को फिर से हासिल कर लेता है, तो बंगाल सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी अपनी एक बड़ी पहचान बना सकता है।
वित्तीय नियमों की अनदेखी पर सवाल
मंत्री ने पिछले 15 वर्षों में वित्तीय नियमों और नीतियों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पारदर्शिता और बेहतर वित्तीय प्रबंधन बेहद जरूरी है।
वित्तीय अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने स्पष्ट कहा कि वित्तीय व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता या विचलन को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय प्रबंधन के मामले में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम करेगी।
विकास परियोजनाओं को गति देने पर जोर
उच्च शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उनकी जिम्मेदारी सरकार की विकास परियोजनाओं को गति देना है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।