झाड़ग्राम: पश्चिम बंगाल में खनिज संपदा की तलाश को लेकर एक और बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। अशोकनगर ऑयलफील्ड में सफलता के बाद अब झाड़ग्राम जिले में मैंगनीज के संभावित भंडार का पता लगाने के लिए संयुक्त रिकॉनिसेंस सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए राज्य के निदेशालय, खान एवं खनिज विभाग ने मंजूरी दे दी है।
इन इलाकों में होगी मैंगनीज की तलाश:
सर्वे के दायरे में सिमुलपाल, लाबनी, भंडारचुआ, चौगा पहाड़, हसा डूंगरी, करका, बेगुंडीहा, बिरमंडल और बांसपहाड़ी समेत आसपास के मैंगनीज-बेयरिंग क्षेत्र शामिल हैं। सर्वे का मकसद इन इलाकों में मौजूद मैंगनीज संसाधनों की वास्तविक क्षमता का आकलन करना है।
MOIL के साथ GSI और IBM की टीम करेगी जांच:
इस अभियान का समन्वय MOIL Limited करेगा। सर्वे में Geological Survey of India (GSI), Indian Bureau of Mines (IBM) और WBMDTCL भी शामिल होंगे। विशेषज्ञ क्षेत्र का भूवैज्ञानिक और खनिज आकलन कर मैंगनीज भंडार की संभावनाओं का अध्ययन करेंगे।
15 से 19 सितंबर तक चलेगा फील्ड सर्वे:
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संयुक्त टीम 15 से 19 सितंबर 2026 तक क्षेत्र में फील्डवर्क करेगी। इस दौरान संभावित मैंगनीज बेल्ट का निरीक्षण और शुरुआती स्तर पर खनिज क्षमता का आकलन किया जाएगा।
झाड़ग्राम के लिए खुल सकता है विकास का नया रास्ता:
अगर सर्वे में मैंगनीज के बड़े और व्यावसायिक रूप से उपयोगी भंडार की पुष्टि होती है, तो झाड़ग्राम के खनिज क्षेत्र में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। इससे खनन, निवेश, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल पर दिया जोर:
इस पहल को पश्चिम बंगाल में प्राकृतिक संसाधनों की संभावनाओं को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार का फोकस खनिज संपदा की पहचान कर उसे औद्योगिक और आर्थिक विकास से जोड़ने पर बताया जा रहा है।