पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिले की सीमा से एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां खेमाशुली–गुप्तमनी इलाके में निर्माणाधीन हाथी अंडरपास का एक हिस्सा अचानक ढह गया। यह अंडरपास राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाथियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाया जा रहा था। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
हाथियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बन रहा था अंडरपास
यह अंडरपास वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया जा रहा था। योजना के तहत हाथी नीचे से गुजरते और ऊपर से वाहनों का आवागमन होता, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके।
निर्माण ढहने से उठे गंभीर सवाल
निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही ढांचे का गिरना परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। शुरुआती जांच में तकनीकी खामी या घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।
इलाके में आवाजाही नियंत्रित, जांच की मांग तेज
सुरक्षा के मद्देनज़र प्रभावित हिस्से में वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से नियंत्रित कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी परियोजनाओं को अधिक सख्त सुरक्षा मानकों के तहत पूरा करने की मांग भी उठ रही है।