कोलकाता : कहते हैं कि बिजली एक ही जगह पर दो बार नहीं गिरती, लेकिन कोलकाता के ईडन गार्डन्स ने इस कहावत को झुठला दिया है। पिछले साल पंजाब किंग्स के खिलाफ जो हुआ, सोमवार को वही मंजर फिर दोहराया गया। दिन भर की भीषण गर्मी और तेज धूप के बाद शाम को कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि करोड़ों की लीग का यह मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया।
कुदरत का कहर या 'नाइट्स' के लिए वरदान?
मैच शुरू करने का आखिरी समय रात 11:14 बजे तय किया गया था। सौरव गांगुली की पहल पर रात 10:30 बजे मैदान सुखाने की कोशिशें भी हुईं, लेकिन हालात क्रिकेट के अनुकूल नहीं थे। श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में खेल रही इस टीम के लिए यह एक अंक किसी 'संजीवनी' से कम नहीं है। जिस तरह से फिन एलन (6) और कैमरन ग्रीन (4) ने शुरुआती दो ओवरों में पवेलियन लौटने की जल्दी दिखाई, उसे देखकर हार की हैट्रिक तय लग रही थी।
25 करोड़ी 'ग्रीन' का फ्लॉप शो जारी
KKR के लिए सबसे बड़ी सिरदर्द बन चुके हैं ऑस्ट्रेलिया के स्टार कैमरन ग्रीन। 25 करोड़ की भारी-भरकम कीमत पर खरीदे गए ग्रीन लगातार तीसरे मैच में 'आया राम, गया राम' साबित हुए। गेंदबाजी तो दूर, बल्लेबाजी में भी वह टीम को बीच मझधार में छोड़कर चलते बने। ईडन के गलियारों में अब यह सवाल गूंज रहा है कि आखिर किस 'अशुभ घड़ी' में उन्हें टीम में शामिल किया गया था?
किंग खान की मौजूदगी, पर नदारद दिखी 'वीरता'
इस सीजन में पहली बार शाहरुख खान अपनी टीम का हौसला बढ़ाने ईडन पहुंचे थे। लेकिन स्कोरबोर्ड की सूरत देखकर वह भी मायूस नजर आए। 3.4 ओवर में टीम का स्कोर 25/2 था। जेवियर बार्टलेट की स्विंग गेंदों के सामने KKR के धुरंधर स्कूल के बच्चों की तरह बेबस दिखे। कप्तान अजिंक्य रहाणे (8) और युवा अंगकृष रघुवंशी (7) की धीमी बल्लेबाजी ने रही-सही कसर पूरी कर दी। जहाँ दूसरी टीमों के खिलाड़ी छक्कों की बारिश कर रहे हैं, वहीं 'नाइट राइडर्स' की बल्लेबाजी में वो आक्रामकता कहीं खो गई है।
चर्चा के केंद्र में: मिस्ट्री स्पिनर्स की गैरमौजूदगी
मैच से पहले एक बड़ा चौंकाने वाला फैसला लिया गया। टीम की जान कहे जाने वाले सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। आधिकारिक तौर पर नरेन को बीमार और वरुण को चोटिल बताया गया, लेकिन मैच से पहले दोनों को मैदान पर अभ्यास करते देखा गया। अब गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या खराब फॉर्म की वजह से इन दोनों को बाहर का रास्ता दिखाया गया?
रहाणे का 'ब्रेन फेड' और गलत फैसले
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का रहाणे का फैसला भी विशेषज्ञों के गले नहीं उतर रहा है। बारिश की आशंका और बादलों से घिरे आसमान के बीच चेज करना क्रिकेट का सुनहरा नियम है। लेकिन रहाणे ने सूखी पिच के भ्रम में टॉस जीतकर खुद को मुसीबत में डाल लिया। मैदान पर तूफान से पहले ही KKR के खेमे में घबराहट साफ दिख रही थी। कुदरत ने शायद उन्हें एक मौका और दिया है, वरना हार की हैट्रिक उनके दरवाजे पर दस्तक दे चुकी थी।