कोलकाता: शहर में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए कोलकाता नगर निगम और मेट्रो रेलवे ने मिलकर विशेष अभियान शुरू किया है। एस्प्लेनेड मेट्रो स्टेशन से वेक्टर कंट्रोल यानी मच्छर नियंत्रण और डेंगू रोकथाम अभियान की शुरुआत की गई। यह विशेष अभियान आज से शुरू होकर 3 सितंबर तक चलेगा। अभियान के दौरान मेट्रो स्टेशनों, रेलवे परिसरों और आवासीय क्षेत्रों में विशेष निरीक्षण किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य मच्छरों के प्रजनन वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें खत्म करना है। इसके साथ ही लोगों को साफ-सफाई और जलजमाव को लेकर जागरूक भी किया जाएगा। अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेट्रो स्टेशनों से रेलवे परिसरों तक चलेगा अभियान
संयुक्त टीम शहर के सभी मेट्रो स्टेशनों और उनके आसपास के इलाकों का निरीक्षण करेगी। स्टेशनों पर जलजमाव और मच्छरों के प्रजनन वाले संभावित स्थानों की जांच की जाएगी।इसके अलावा दक्षिण-पूर्व रेलवे के विभिन्न स्टेशनों और ट्रेन कारशेड में भी अभियान चलाया जाएगा। रेलवे के आवासीय क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। जहां पानी जमा मिलेगा, वहां उसे हटाने और मच्छरों के प्रजनन को रोकने की कार्रवाई होगी। अभियान के दौरान सफाई व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों की टीम लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेगी। यह विशेष अभियान लगातार 3 सितंबर तक जारी रहेगा।
खाली जमीनों पर जारी होगा धारा 496 का नोटिस
डेंगू रोकथाम अभियान के तहत खाली जमीनों और निजी परिसरों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। जिन जगहों पर झाड़ियां उगी हैं और लंबे समय से पानी जमा है, वहां कार्रवाई की जाएगी। ऐसे स्थानों को मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माना जाता है। नगर निगम की ओर से संबंधित जमीन मालिकों को धारा 496 के तहत नोटिस जारी किया जा रहा है। नोटिस के जरिए परिसर की सफाई और जलजमाव खत्म करने का निर्देश दिया जाएगा। निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि डेंगू रोकथाम के लिए निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों की निगरानी जरूरी है। अभियान का मुख्य लक्ष्य मच्छरों के प्रजनन के संभावित ठिकानों को खत्म करना है।
गंदगी फैलाने पर 200 से 400 रुपये तक जुर्माना
शहर में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी है। प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल करने या कचरा इधर-उधर फेंकने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर 200 से 400 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों को भी चेतावनी दी गई है। थूकने या कचरा फैलाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रशासन ने केवल जुर्माना लगाने के बजाय सफाई करवाने की बात भी कही है। जरूरत पड़ने पर सफाई करते हुए संबंधित व्यक्ति का वीडियो भी बनाया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य लोगों में स्वच्छता को लेकर जिम्मेदारी की भावना बढ़ाना है।
फुटपाथ और अवैध पार्किंग पर भी सख्ती
डेंगू अभियान के साथ शहर की सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। फुटपाथ पर कारोबार करने वालों से पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह छोड़ने को कहा गया है। निर्देश के मुताबिक फुटपाथ का कम से कम दो-तिहाई हिस्सा लोगों की आवाजाही के लिए खाली रखना होगा। फुटपाथ पर अतिक्रमण होने से पैदल यात्रियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा सड़क पर अवैध तरीके से वाहन खड़ा करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। रास्ता रोककर पार्किंग करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। वाहन मालिकों से निर्धारित स्थानों पर शुल्क देकर रात में पार्किंग करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन शहर की सुरक्षा और बेहतर यातायात के लिए जरूरी है।
दूसरे सरकारी विभागों के साथ भी होगा संयुक्त अभियान
प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान केवल मेट्रो और रेलवे परिसरों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में अन्य सरकारी विभागों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग और अग्निशमन विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाने की योजना है। इन विभागों के परिसरों और उनके आसपास के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य एवं पर्यावरण से जुड़े मुद्दों की जांच होगी। जलजमाव, गंदगी और मच्छरों के प्रजनन वाले स्थानों की पहचान की जाएगी। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के जरिए अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य राज्यभर में स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं पर प्रभावी कार्रवाई करना है। इससे डेंगू नियंत्रण के साथ शहर और राज्य की स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूत करने की कोशिश होगी।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा- डेंगू के खिलाफ लड़ाई को बनाना होगा जन आंदोलन
पुर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि डेंगू के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे जन आंदोलन में बदलने की जरूरत है। आम लोगों के सहयोग और जागरूकता के बिना डेंगू को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है। उन्होंने लोगों से घरों, छतों और गमलों में पानी जमा नहीं होने देने की अपील की। साथ ही पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने को भी कहा। उन्होंने बताया कि संयुक्त विशेष अभियान 3 सितंबर तक लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उनके मुताबिक कानून सभी के लिए समान है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
खतरनाक ढांचों और अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई
डेंगू अभियान के अलावा शहर में लोगों की सुरक्षा से जुड़े दूसरे मामलों पर भी कार्रवाई की जा रही है। शेक्सपियर सरणी और कैमक स्ट्रीट इलाके में खतरनाक ढांचों की पहचान की गई।लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए झूल रहे खतरनाक ढांचों को हटाया गया है। इसके साथ ही अवैध निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की लापरवाही से आम लोगों की जान खतरे में नहीं पड़नी चाहिए। अधिकारियों को ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने दोहराया कि कानून सभी के लिए समान है। आम लोगों की सुरक्षा और शहर में सुरक्षित वातावरण बनाए रखना सरकार की पहली प्राथमिकता है।