कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा का उत्साह अब धीरे-धीरे चरम पर पहुंचने लगा है। आज चतुर्थी है और कोलकाता की सड़कों पर सुबह से ही पूजा का रंग देखने को मिल रहा है। उत्तर कोलकाता से लेकर दक्षिण कोलकाता तक, कहीं थीम आधारित पूजा पंडालों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है, तो कहीं ऐतिहासिक और पारंपरिक पूजा देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। चतुर्थी और पंचमी के दौरान अपेक्षाकृत कम भीड़ का फायदा उठाकर कई लोग पहले से ही पंडाल घूमने निकल पड़े हैं। लेकिन इसी बीच मौसम ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पूजा के शुरुआती दिनों में ही बारिश ने उत्सव के रंग में खलल डालना शुरू कर दिया है।
दोपहर बाद बदला मौसम, कोलकाता के कई इलाकों में बारिश
बुधवार दोपहर के बाद कोलकाता के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। आसमान में काले बादल छाने लगे और शहर के कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। इससे पंडाल घूमने निकले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए कोई दुकानों की छत के नीचे शरण लेता दिखा, तो कोई छाता लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश करता नजर आया। सुबह से जिन सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी थी, वहां बारिश के कारण कुछ समय के लिए भीड़ कम हो गई। पूजा के नए कपड़े पहनकर घूमने निकले लोगों के लिए अचानक हुई बारिश परेशानी का सबब बन गई।
दक्षिण बंगाल में बदलेगा मौसम, बारिश का पूर्वानुमान
अलीपुर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मौसम में बदलाव की संभावना है। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। हालांकि, गुरुवार से शनिवार के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में दुर्गापूजा के शुरुआती दिनों में पंडाल घूमने की योजना बना रहे लोगों को मौसम को ध्यान में रखकर घर से निकलने की जरूरत है।
गरज-चमक के साथ बारिश, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा
मौसम विभाग के अनुसार, कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम में इस बदलाव का असर पूजा की खरीदारी और पंडाल घूमने की योजनाओं पर पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं किए जाने की जानकारी दी गई है। फिर भी मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
कोलकाता का तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस, हवा में नमी 84 प्रतिशत
अलीपुर मौसम विभाग के बुधवार सुबह के आंकड़ों के मुताबिक, कोलकाता का तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हवा में सापेक्ष आर्द्रता 84 प्रतिशत रही। मौसम में नमी और आसमान में बादलों की मौजूदगी के बीच दोपहर बाद शहर के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को भी आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। वहीं, गुरुवार से शनिवार के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में पूजा घूमने या खरीदारी के लिए निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट देखना जरूरी है।
हावड़ा, हुगली समेत कई जिलों में बारिश की संभावना
कोलकाता के अलावा हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में भी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, खासकर गुरुवार और शुक्रवार को कुछ इलाकों में कई दौर में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। दुर्गापूजा के दौरान आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग कोलकाता के नामी पूजा पंडालों और पारंपरिक पूजा देखने पहुंचते हैं। ऐसे में खराब मौसम से उनकी यात्रा और पंडाल घूमने की योजना प्रभावित होने की आशंका है।
बारिश के बीच राहत की उम्मीद, रविवार से सुधर सकता है मौसम
पूजा के शुरुआती दिनों में बारिश की संभावना के बीच राहत की बात यह है कि रविवार से दक्षिण बंगाल में बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं। अलीपुर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, धीरे-धीरे मौसम शुष्क होने की संभावना है। इसके साथ ही तापमान में भी मामूली बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी जिलों में हेमंत ऋतु जैसा मौसम महसूस होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मौसम का पूर्वानुमान परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है। इसलिए पूजा के बाकी दिनों में मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखना जरूरी होगा।
उत्तर कोलकाता के पूजा पंडालों और पुराने घरों की पूजा में उमड़ी भीड़
मौसम में बदलाव के बावजूद चतुर्थी की सुबह से ही उत्तर कोलकाता के कई पूजा पंडालों और पुराने पारंपरिक घरों की दुर्गापूजा में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। कोलकाता की पारंपरिक दुर्गापूजा अपनी ऐतिहासिक विरासत और अनूठी परंपराओं के लिए जानी जाती है। हर साल बड़ी संख्या में लोग इन पूजा आयोजनों को देखने पहुंचते हैं। वहीं, थीम आधारित पूजा पंडाल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कई लोग चतुर्थी और पंचमी के दौरान कम भीड़ में पूजा घूमने की योजना बनाते हैं, ताकि षष्ठी से बढ़ने वाली भीड़ से पहले ज्यादा से ज्यादा पंडाल देख सकें।
बारिश शुरू होते ही पंडालों के आसपास बदला नजारा
हालांकि, दोपहर होते-होते बारिश ने लोगों की योजनाओं पर पानी फेरना शुरू कर दिया। अचानक बारिश होने से पंडाल घूम रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी जैसी स्थिति देखने को मिली। लोग बारिश से बचने के लिए सुरक्षित जगह तलाशने लगे। कुछ लोग छाता लेकर आगे बढ़ते रहे, तो कुछ ने बारिश कम होने का इंतजार करना बेहतर समझा। जिन सड़कों पर कुछ देर पहले तक लोगों की भीड़ नजर आ रही थी, वहां बारिश के कारण अस्थायी रूप से भीड़ कम हो गई। बारिश थमने के बाद एक बार फिर लोगों के पंडालों की ओर लौटने की उम्मीद बनी हुई है।
क्या बारिश के बावजूद जारी रहेगा पंडाल घूमने का उत्साह?
दुर्गापूजा बंगाल के लोगों के लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भावनाओं और परंपराओं से जुड़ा एक बड़ा उत्सव है। नए कपड़े पहनना, परिवार और दोस्तों के साथ पंडाल घूमना और अलग-अलग पूजा आयोजनों को देखना इस उत्सव का अहम हिस्सा है। ऐसे में बारिश से कुछ समय के लिए परेशानी जरूर हो सकती है, लेकिन पूजा घूमने का उत्साह पूरी तरह कम होगा या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा। कई लोग छाता और रेनकोट लेकर भी पंडाल घूमने की तैयारी में हैं। अब सबकी नजर मौसम के अगले अपडेट पर है। चतुर्थी पर बारिश ने कोलकाता के पूजा उत्सव की रफ्तार जरूर धीमी की है, लेकिन लोगों का उत्साह बरकरार रहता है या नहीं, इसका जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा।