कोलकाता: 50वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को आयोजित पहली पत्रकार वार्ता में पुस्तक मेले के आयोजन, प्रकाशकों की भागीदारी, स्टॉल आवंटन और इस बार के मुख्य थीम को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। इस वर्ष पुस्तक मेले का आयोजन गिल्ड, नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) और EZCC के संयुक्त प्रयास से किए जाने की बात कही गई है।
15 साल की कथित अनियमितताओं पर उठे सवाल
पुस्तक मेले के आयोजन को लेकर पिछले करीब 15 वर्षों में कई तरह की अनियमितताओं के आरोप सामने आने का दावा किया गया। तत्कालीन सत्तारूढ़ दल की ओर से पुस्तक मेला परिसर में कथित तौर पर बड़े हिस्से पर कब्जा रखने और आयोजन व्यवस्था में दबाव बनाए जाने के आरोप भी लगाए गए। नई व्यवस्था में उम्मीद जताई गई है कि ऐसा नहीं होगा और प्रकाशकों को अधिक स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा।
प्रकाशकों के लिए नई व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार सुब्रत गुप्ता की निगरानी में हुई बैठकों के आधार पर इस वर्ष गिल्ड, NBT और EZCC की संयुक्त भागीदारी तय की गई है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इसके लिए एक सलाहकार समिति भी बनाई है, जिसमें तीनों संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं। आगे अलग-अलग उप-समितियों का गठन किया जाएगा।
पुस्तक मेले में प्रकाशकों को जगह नहीं मिलने का मुद्दा पहले अदालत तक भी पहुंच चुका है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि किसी भी वर्ग के प्रकाशकों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। खासकर राष्ट्रवादी और हिंदुत्ववादी प्रकाशकों को जगह नहीं मिलने की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई।

विवादित विज्ञापन को लेकर भी सफाई
कुछ दिन पहले गिल्ड की ओर से जारी एक विज्ञापन को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया कि 5 सितंबर को जारी विज्ञापन में तकनीकी/प्रक्रियात्मक खामी थी और गिल्ड के प्रतिनिधियों ने इसे कानूनी अर्थ में ‘इनऑपरेटिव’ यानी प्रभावहीन माना है। इस मामले को लेकर EZCC में बैठक भी हुई, जहां आगे की प्रक्रिया को लेकर कुछ फैसले लिए गए।
NBT के ऑटोमेशन सिस्टम से आसान होगी प्रक्रिया
इस बार आयोजन में तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। NBT को देश और विदेश में बड़े स्तर पर पुस्तक मेले आयोजित करने का अनुभव है और उसके पास ऑटोमेशन सिस्टम भी मौजूद है। राज्य सरकार इस व्यवस्था की समीक्षा कर आगे महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। प्रकाशकों से अपील की गई है कि वे जारी विज्ञापन को ध्यान से देखें और आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पूरी करें।
‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ होगी मुख्य थीम
50वें कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के लिए कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों पर विचार किया जा रहा है। इनमें वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ, विभाजन विभीषिका, उत्तम कुमार की 100वीं जयंती, राजनारायण बोस की 200वीं जयंती, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 150वीं जयंती, ‘रक्तकरबी’ के 100 वर्ष और आकाशवाणी के 100 वर्ष जैसे विषय शामिल हैं। हालांकि, इस बार ‘वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ’ को मुख्य थीम बनाए जाने की बात सामने आई है।
इजरायल को मित्र राष्ट्र के तौर पर किया जाएगा हाईलाइट
पुस्तक मेले में इस बार इजरायल को मित्र राष्ट्र के तौर पर विशेष रूप से हाईलाइट करने की योजना है। इसके लिए इजरायल के साथ संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जाएगी।
वहीं, बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर पहले से ही कई आपत्तियां सामने आई हैं। प्रकाशकों के एक वर्ग ने खास तौर पर पाइरेसी यानी पुस्तकों की अवैध प्रतियों को लेकर शिकायतें उठाई हैं।
भू-राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़े मामलों में अंतिम निर्णय भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में होगा। ऐसे में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर आगे का फैसला संबंधित स्तर पर लिया जाएगा। फिलहाल प्रकाशकों के एक बड़े वर्ग की ओर से इसका विरोध किए जाने की बात कही गई है।
गिल्ड की उप-समितियों पर भी जल्द फैसला
गिल्ड की वार्षिक बैठक नहीं होने के कारण अभी उप-समितियों के लिए उसके प्रतिनिधियों के नाम तय नहीं किए गए हैं। हालांकि, गिल्ड के कुछ पुराने सदस्यों को व्यवस्था में शामिल किया गया है, जिनमें राजकुमार बर्मन और अनिल आचार्य के नाम बताए गए हैं।
50वें संस्करण को भव्य बनाने के साथ-साथ आयोजन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में भी कदम उठाने की तैयारी है।