पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में पुनर्मतदान के दौरान सुबह 11 बजे तक वोटिंग प्रतिशत में मोगराहाट पश्चिम आगे चल रहा है। यहां 38.2% मतदान दर्ज किया गया, जबकि डायमंड हार्बर में 35.92% वोट पड़े हैं। दोनों क्षेत्रों को मिलाकर कुल मतदान 36.99% रहा। शनिवार सुबह 7 बजे से मोगराहाट पश्चिम के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथों समेत कुल 15 बूथों पर दोबारा मतदान शुरू हुआ। पुलिस और केंद्रीय बलों की कड़ी निगरानी में मतदान प्रक्रिया जारी है। शुरुआती करीब डेढ़ घंटे में किसी भी तरह की हिंसा या गड़बड़ी की खबर सामने नहीं आई।
क्यों हो रहा है पुनर्मतदान?
पहले चरण में कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई थी, लेकिन दूसरे चरण के बाद 77 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग उठी। ये सभी बूथ दक्षिण 24 परगना के चार विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े हैं। सूत्रों के मुताबिक, सबसे ज्यादा 32 शिकायतें फलता से, 29 डायमंड हार्बर से, 13 मोगराहाट से और 3 बजबज से दर्ज की गईं। आरोपों में EVM से छेड़छाड़, मशीन पर टेप या इत्र लगाने और कैमरा ढकने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
स्पाई कैमरा विवाद ने बढ़ाई गंभीरता
मामले ने तब और तूल पकड़ा जब यह आरोप लगा कि कुछ वोटरों की जेब में स्पाई कैमरा रखकर यह पता लगाने की कोशिश की गई कि उन्होंने किसे वोट दिया। यह शिकायत मोगराहाट पश्चिम से सामने आई, जिसने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए।
चुनाव आयोग सख्त, निरीक्षण के बाद फैसला
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया। विशेष पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने फलता के 30 बूथों पर पुनर्मतदान की सिफारिश की थी, लेकिन अंतिम निर्णय में केवल मोगराहाट के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर ही पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया गया।
राजनीतिक घमासान तेज
इस फैसले के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब दूसरे चरण के मतदान के दौरान कड़ी निगरानी और भारी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी, तो फिर पुनर्मतदान की नौबत क्यों आई।