कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर नेशनल नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहिर खान और जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान नबान्न पहुंचे। दोनों सांसदों ने मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari से मुलाकात की और कई मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। शुभेंदु अधिकारी मई 2026 से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री हैं। यह मुलाकात दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के करीब 24 घंटे बाद हुई, जिससे बंगाल की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का मुद्दा
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अबू ताहिर खान ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सांसद अदालत और एनजीटी के निर्देशों का सम्मान करते हैं, लेकिन नियम लागू करते समय किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पुलिस प्रशासन की कार्रवाई की समीक्षा करने और अजान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करने की मांग की। हाल ही में राज्य में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई को लेकर भी यह मुद्दा चर्चा में रहा है।
SIR ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों को जल्द निपटाने की मांग
सांसदों ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन यानी SIR से जुड़े मामलों का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। उनका कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटने के बाद कई लोगों को दस्तावेजों के सत्यापन और सरकारी सेवाओं से जुड़े कामों में परेशानी हो रही है। उन्होंने लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त ट्रिब्यूनल बेंच बनाने और सभी मामलों का जल्द निपटारा करने की मांग की।
BJP या NDA में शामिल होने से किया इनकार
राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर अबू ताहिर खान ने स्पष्ट किया कि वे भाजपा या NDA में शामिल नहीं हो रहे हैं और NCPI में ही बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को उठाना और विकास के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार से सहयोग लेना है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनकी पहचान अभी भी तृणमूल कांग्रेस के सांसद के रूप में दर्ज है और लोकसभा में उन्हें इसी पहचान के आधार पर बोलने का अवसर मिलता है।
दिल्ली से नबान्न तक बढ़ी राजनीतिक हलचल
मुर्शिदाबाद के सांसदों का यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब वे पहले NDA से जुड़ी बैठकों से दूरी बनाए हुए थे। इसके बाद अमित शाह से मुलाकात और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में शामिल होने के बाद अब नबान्न में मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। हालांकि, सांसदों ने खुद भाजपा या NDA में शामिल होने की संभावना से इनकार किया है और कहा है कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए केंद्र और राज्य, दोनों सरकारों के साथ संवाद जारी रखेंगे।