पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद तैयार की गई अंतिम मतदाता सूची से 63.66 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं, जबकि करीब 60 लाख नाम अभी भी ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखे गए हैं। हालांकि इस प्रक्रिया में सोनागाछी की सेक्स वर्करों के नाम लगभग पूरी तरह से सूची में शामिल होने का रिकॉर्ड सामने आया है।
सोनागाछी की अधिकांश सेक्स वर्करों के नाम सूची में
बताया जा रहा है कि 10–12 मामलों को छोड़कर यहां की लगभग सभी सेक्स वर्करों के नाम अंतिम मतदाता सूची में बिना किसी त्रुटि के शामिल कर लिए गए हैं। इसका मतलब है कि वे आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगी। सोनागाछी को एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां करीब 6,000 सेक्स वर्कर रहती हैं।
संगठन के प्रयास से मिला सहयोग
यौनकर्मियों के कल्याण के लिए काम करने वाले संगठन दरबार महिला समन्वय समिति की सचिव बिशाखा लस्कर ने बताया कि SIR प्रक्रिया के दौरान आने वाली समस्याओं को लेकर उन्होंने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को पत्र लिखा था। इसके बाद चुनाव कार्यालय की ओर से विशेष SIR शिविर आयोजित किए गए, जहां उपलब्ध दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर यौनकर्मियों की पहचान सत्यापित की गई। इसी प्रयास का परिणाम है कि लगभग सभी के नाम मतदाता सूची में दर्ज हो गए।
जिनके नाम नहीं जुड़े, उनके दस्तावेज अधूरे
कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां यौनकर्मी अपनी पहचान से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं। वहीं कुछ महिलाओं के नाम पहले से ही मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे। संगठन का कहना है कि ऐसे लोगों के नाम जुड़वाने के लिए आगे भी प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा कोलकाता और आसपास के इलाकों से रोजाना करीब 4,000 सेक्स वर्कर काम के लिए सोनागाछी आती हैं, जिनमें से अधिकांश के नाम भी मतदाता सूची में शामिल हो चुके हैं।
नाम जुड़ने से समुदाय ने ली राहत की सांस
SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले कई यौनकर्मियों को यह डर था कि कहीं उनका नाम मतदाता सूची से न कट जाए। लेकिन अब नाम शामिल होने के बाद समुदाय में राहत और खुशी का माहौल है। रामबागान इलाके की एक यौनकर्मी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि वे पहले की तरह आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगी।
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