कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के फायर सर्विस मंत्री और तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार सुजीत बोस को बड़ी राहत देते हुए प्रवर्तन निदेशालय के समन मामले में अस्थायी छूट प्रदान की है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी माहौल अपने चरम पर है।
चुनावी व्यस्तता बनी राहत की वजह
अदालत ने माना कि बिधाननगर विधानसभा सीट से उम्मीदवार सुजीत बोस इस समय चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, ऐसे में उनकी तत्काल ED के सामने पेशी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इसी आधार पर कोर्ट ने फिलहाल उन्हें पेश होने से छूट दी है।
1 मई को अनिवार्य पेशी का आदेश
हालांकि यह राहत स्थायी नहीं है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चुनाव खत्म होने के बाद 1 मई 2026 को सुजीत बोस को ED कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
भर्ती घोटाले से जुड़ा मामला
सूत्रों के अनुसार, ED नगर निगम भर्ती से जुड़े कथित घोटाले की जांच कर रही है। इस सिलसिले में बोस को पहले भी कई बार समन भेजे गए थे, जिनमें 24 अप्रैल को पेश होने का निर्देश भी शामिल था।
चुनाव बनाम जांच पर कोर्ट का संतुलन
हाल के दिनों में TMC नेताओं सुजीत बोस और रथिन घोष को चुनावी अभियान के बीच समन जारी होने से सियासी विवाद तेज हो गया था। कोर्ट ने साफ किया कि जांच अपनी जगह जारी रहेगी, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।