कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने श्रीश्री माँ सारदा देवी की पवित्र जन्मभूमि बाँकुड़ा के लोगों को नमन करते हुए वहाँ की कला, संस्कृति और लोगों के स्नेह के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बाँकुड़ा की मिट्टी और यहाँ की परंपराएं बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देती हैं।
राखी को बताया सिर्फ धागा नहीं, आशीर्वाद
राखी के महत्व को लेकर सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, अपनापन और आशीर्वाद का प्रतीक है। बंगाल की परंपरा में राखी के जरिए रिश्तों की डोर को मजबूत करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। उनके मुताबिक जब कला प्रेम की अभिव्यक्ति बनती है, तो वह सिर्फ सजावटी वस्तु नहीं रह जाती, बल्कि दिल से दिल तक पहुंचने वाला भाव बन जाती है।
तालडांगरा की महिलाओं से मिला खास तोहफा
बाँकुड़ा के तालडांगरा की महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार की गई टेराकोटा राखी सुवेंदु अधिकारी को भेंट की। उन्होंने माँ, बहनों और दीदियों से मिले स्नेह, प्रेम और आशीर्वाद के लिए आभार जताया और इस उपहार को बेहद खास बताया।
लाल मिट्टी और टेराकोटा कला की तारीफ
सुवेंदु अधिकारी ने बाँकुड़ा की प्रसिद्ध टेराकोटा कला की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बाँकुड़ा की लाल मिट्टी की खुशबू, स्थानीय कलाकारों की रचनात्मकता और उनके अपनापन उन्हें हमेशा प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि हाथ से बनाई गई यह टेराकोटा राखी उनके लिए महज एक उपहार नहीं, बल्कि लोगों के स्नेह और आशीर्वाद की अनमोल निशानी है।
अन्नपूर्णा योजना से समृद्धि की कामना
मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से लोगों के जीवन में और अधिक समृद्धि और सुविधा आए, यही उनकी कामना है। उन्होंने कहा कि सरकारी पहल से लोगों के चेहरों पर मुस्कान देखकर उन्हें भी खुशी मिलती है।
राखी पर बाँकुड़ा के लोगों को शुभकामनाएं
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जनता का प्रेम ही उनके आगे बढ़ने की प्रेरणा है। उन्होंने तालडांगरा की महिलाओं द्वारा दिए गए टेराकोटा राखी के उपहार को सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वीकार करते हुए सभी को आगामी राखी बंधन की शुभकामनाएं दीं।