हालिशहर / उत्तर 24 परगना: उत्तर 24 परगना के हालिशहर में पुलिस हिरासत (लॉकअप) में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता बिरजू कुमार केवट की मौत के मामले में सोमवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी खुद मृतक के घर पहुंचे। मुख्यमंत्री, जो राज्य के गृह मंत्री भी हैं, ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की और घटना में पुलिस की लापरवाही को स्वीकार किया। उन्होंने मौके से ही हालिशहर थाने के प्रभारी (IC) को क्लोज कर पुलिस लाइन भेजने और जांच अधिकारी (IO) को निलंबित (सस्पेंड) करने का आदेश दिया।
10 लाख रुपये की सहायता और सरकारी नौकरी की घोषणा
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार को भविष्य की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये का चेक सौंपा और सलाह दी कि यह राशि बच्चों की शिक्षा के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने मृतक की पत्नी को गृह मंत्री कोटे से स्थानीय थाने में अटेंडेंट के पद पर नौकरी देने का ऐलान किया। उन्हें एक साल तक हर महीने 15,000 रुपये का वित्तीय भत्ता मिलेगा, जिसके 12 महीने पूरे होने पर उन्हें ग्रुप-डी के स्थायी पद पर नियुक्त किया जाएगा।
जिलाधिकारी की देखरेख में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
कस्टडी में हुई मौत की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उत्तर 24 परगना की जिलाधिकारी (DM) शिल्पी गौरीसारिया को इस जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) व्यक्तिगत रूप से इस जांच की निगरानी करेंगे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट जांच की सिफारिशों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और सरकार पर विश्वास जताने के लिए परिवार का आभार
सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी समर्थक होने के बावजूद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर भरोसा जताने के लिए मृतक के परिजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिवार ने इस दुखद मौत पर किसी को राजनीति करने का मौका नहीं दिया।उल्लेखनीय है कि कांचरापाड़ा नगर पालिका के पूर्व पार्षद के पति बिरजू केवट को रंगदारी के आरोप में गिरफ्तार कर 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था, जहां शनिवार को उनकी मौत हो गई। इससे पहले रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी परिजनों से मिलने पहुंची थीं, जहां उन्हें भारी जनविरोध का सामना करना पड़ा था।