हालिशहर / कोलकाता: उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा में पुलिस हिरासत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ता बिरजू कुमार केवट की मौत के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। सोमवार (10 अगस्त) सुबह करीब 10:30 बजे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी हालिशहर पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर बातचीत की। इस दौरान सुवेंदु अधिकारी के स्थानीय थाने जाकर पुलिस अधिकारियों से भी बात करने की संभावना है।
पुलिस हिरासत में मौत पर परिजनों का आरोप
कांचरापाड़ा नगर पालिका के पूर्व पार्षदों से जुड़े और टीएमसी कार्यकर्ता बिरजू कुमार को रंगदारी व मारपीट के आरोप में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। शुक्रवार देर रात/शनिवार भोर में उनकी तबीयत बिगड़ने पर कल्याणी जेएनएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं और उनकी पत्नी जेनी शर्मा केवट का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उनके पति की मौत हुई है।
रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को झेलना पड़ा था भारी विरोध
रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सांसद कल्याण बनर्जी और डोला सेन के साथ पीड़ित परिवार से मिलने हालिशहर पहुंची थीं। वहां उन्हें भारी जनविरोध का सामना करना पड़ा, जहां उनके काफिले पर पानी, कीचड़ और चप्पलें फेंकी गईं तथा 'चोर' के नारे लगाए गए। घटना के बाद ममता बनर्जी ने राज्य सरकार और पुलिस व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पुलिस अपराधियों को संरक्षण दे रही है और वह इस मामले में केस दर्ज कराएंगी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज, तृणमूल का विरोध प्रदर्शन
रविवार की घटना पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तंज कसते हुए कहा था कि "इतनी चोरी की है तो चोर सुनना ही पड़ेगा" और उन्होंने ममता बनर्जी पर बिना सहमति के जबरन जाने का आरोप लगाया। हालांकि, राज्य मंत्रिमंडल की सदस्य अग्निमित्रा पॉल ने अलग रुख अपनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पर चप्पल और कीचड़ फेंकने की घटना की निंदा की।इस बीच, रविवार को ममता बनर्जी के साथ हुई बदसलूकी के खिलाफ 'कालीघाट तृणमूल' ने सोमवार को विरोध रैली बुलाई है और टीएमसी विधायक विधानसभा परिसर के अंदर भी विरोध जताएंगे।