पश्चिम बंगाल: की राजनीति में बुधवार को कोलकाता नगर निगम के दो पूर्व मेयर परिषद सदस्यों के कांग्रेस में शामिल होने की खबर से हलचल बढ़ गई। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेता बुधवार दोपहर करीब 3 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार और मध्य कोलकाता कांग्रेस अध्यक्ष मानस सरकार की मौजूदगी में कांग्रेस का झंडा थाम सकते हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक उनके पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मध्य कोलकाता की राजनीति में रहा है प्रभाव
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं की मध्य कोलकाता के राजनीतिक क्षेत्रों में भूमिका रही है। शियालदह से लेकर बालीगंज तक उनके प्रभाव का उल्लेख किया जा रहा है। ऐसे में उनके कांग्रेस में शामिल होने की स्थिति में पार्टी को स्थानीय स्तर पर संगठन मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।
बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच कांग्रेस की नजर
पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच कांग्रेस अपनी संगठनात्मक स्थिति मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। पिछले वर्षों में पार्टी ने कभी अकेले और कभी वाम दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है। हालांकि, इन गठबंधनों से उसे अपेक्षित चुनावी सफलता नहीं मिली।ऐसे में कोलकाता के दो पूर्व मेयर परिषद सदस्यों के संभावित दल-बदल को कांग्रेस के स्थानीय संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
नंदीग्राम उपचुनाव के बाद चर्चा तेज
रिपोर्ट में नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के दूसरे स्थान पर रहने का भी उल्लेख है। इस प्रदर्शन के बाद पार्टी के भीतर नई राजनीतिक संभावनाओं को लेकर चर्चा होने की बात कही जा रही है। हालांकि, किसी एक चुनाव के परिणाम से राज्य में पार्टी की समग्र स्थिति का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल दोनों पूर्व नेताओं के नाम और कांग्रेस में शामिल होने की औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार दोपहर कार्यक्रम प्रस्तावित है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या दोनों नेता आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल होते हैं और पार्टी की ओर से इस संबंध में क्या घोषणा की जाती है।