कोलकाता / नबन्ना: पश्चिम बंगाल में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में मनाए जाने वाले दुर्गा पूजा उत्सव को लेकर राज्य की नई सरकार ने अपनी आर्थिक नीति स्पष्ट करना शुरू कर दिया है। बुधवार को नबन्ना में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 'फोरम फॉर दुर्गोत्सव' के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान स्पष्ट किया कि पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार की तरह इस बार राज्य की सभी पूजा कमेटियों को एक समान वित्तीय अनुदान नहीं दिया जाएगा, बल्कि केवल उन छोटी पूजा समितियों का चयन कर उन्हें सहायता दी जाएगी जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है।
10 लाख से कम बजट वाली कमेटियों को मिल सकती है राहत
नबन्ना सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार केवल 10 लाख रुपये से कम बजट वाली पूजा कमेटियों को वित्तीय अनुदान देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इस विषय पर अंतिम फैसला वित्त विभाग के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के समय वर्ष 2020 में 50 हजार रुपये से शुरू हुआ सरकारी अनुदान वर्ष 2025 तक बढ़कर 1 लाख 10 हजार रुपये प्रति कमेटी पहुंच गया था। हालांकि, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि नई सरकार बिना जरूरत के सभी कमेटियों में फंड नहीं बांटेगी।
'फोरम फॉर दुर्गोत्सव' के साथ मुख्यमंत्री की अहम बैठक
बुधवार को कोलकाता की पूजा कमेटियों के शीर्ष संगठन 'फोरम फॉर दुर्गोत्सव' के प्रतिनिधि अंजन वकील (बालीगंज कल्चरल) और संदीपन बनर्जी (बेहाला नूतन दल) ने नबन्ना में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री इंद्रनील खां से मुलाकात की। बैठक में मुख्य सड़कों और गलियों की पूजा, बिजली बिल में छूट, होर्डिंग-बैनर पर कॉर्पोरेशन टैक्स में राहत तथा सरकारी अनुदान जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक के बाद अंजन वकील ने संगठन के व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री का रुख बेहद सकारात्मक रहा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर इसी महीने के भीतर एक और बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सभी फैसलों की आधिकारिक जानकारी साझा कर दी जाएगी। सरकार के इस कदम से बजट में कटौती का सामना कर रही कई छोटी पूजा कमेटियों को राहत मिलने की उम्मीद है।