कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के सभी चरणों का मतदान संपन्न होने के बाद राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने बताया कि इस बार चुनाव प्रक्रिया काफी हद तक शांतिपूर्ण रही और किसी भी बड़ी अप्रिय घटना या मौत की खबर सामने नहीं आई है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का दावा
मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि मतदान केंद्रों से एजेंटों को बाहर निकालने, बूथ जैमिंग या मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी कोई बड़ी घटना नहीं घटी। इस सफलता के लिए उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, चुनाव कर्मियों, सुरक्षा बलों और मतदाताओं को बधाई दी। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि चुनाव के बाद कुछ जगहों पर हिंसा हुई है, जिसमें दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
EVM से छेड़छाड़ और शिकायतों का अंबार
CEO ने बताया कि चुनाव आयोग को कुल 77 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें EVM मशीनों पर गोंद (Adhesive) और टेप लगाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
शिकायतों का ब्योरा: सबसे ज्यादा शिकायतें फलत (32) से मिली हैं। इसके अलावा डायमंड हार्बर (29), मगराहाट (13) और बज बज (3) से भी शिकायतें आई हैं।
पुनर्मतदान (Re-poll): फिलहाल स्क्रूटनी (जांच) चल रही है। जांच रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी, जिसके बाद चुनाव आयोग तय करेगा कि किन बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाना है।
सुरक्षा और गिरफ्तारियां
राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि शिकायतों के आधार पर कल 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एहतियात के तौर पर भी कई गिरफ्तारियां हुई हैं। मतगणना केंद्रों (Counting Centres) की सुरक्षा पर CEO ने कहा कि वे खुद केंद्रों का दौरा करेंगे और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी।