दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान के बाद अब सबकी नजरें ईवीएम (EVM) की सुरक्षा पर टिकी हैं। दुर्गापुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। यहाँ कार्यकर्ता न केवल दिन-रात पहरा दे रहे हैं, बल्कि भीषण गर्मी से बचने के लिए 'गुड़-बताशा' का सहारा ले रहे हैं।
अनुब्रत मंडल के 'नुस्खे' पर पहरा
दुर्गापुर सरकारी कॉलेज को चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्र बनाया है, जहाँ पांडुआ, दुर्गापुर पश्चिम और पूर्व विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम रखी गई हैं। इस केंद्र से महज 200 मीटर की दूरी पर टीएमसी ने अपना 'पहरा केंद्र' स्थापित किया है। यहाँ लगभग 100 कार्यकर्ता तैनात हैं जो बीरभूम के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल के चर्चित नारों—गुड़-बताशा और पाचन—को अपना हथियार बना रहे हैं।
EVM में गड़बड़ी की आशंका
कार्यकर्ताओं का दावा है कि बीजेपी किसी भी समय ईवीएम में गड़बड़ी कर सकती है, इसलिए वे लगातार निगरानी कर रहे हैं। 2 नंबर ब्लॉक के युवा अध्यक्ष अजय देवनाथ ने कहा, "गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए हम अनुब्रत मंडल का बताया गुड़-बताशा खुद भी खा रहे हैं और समर्थकों को भी खिला रहे हैं। लेकिन असली 'पाचन' तो 4 मई को परिणाम आने के बाद दिया जाएगा"।
सियासी गलियारों में चर्चा
गौरतलब है कि अनुब्रत मंडल अक्सर चुनाव के दौरान 'गुड़-बताशा', 'ढाक की चराम-चराम' और 'पाचन' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते रहे हैं। दुर्गापुर के टीएमसी कार्यकर्ता अब उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विरोधियों को कड़ा संदेश दे रहे हैं। फिलहाल, सभी की किस्मत ईवीएम में बंद है जिसका फैसला 4 मई को होगा।