पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम दौर की तैयारियों को परखने के लिए चुनाव आयोग की विशेष टीम कोलकाता पहुंचेगी। वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती के नेतृत्व में यह टीम उत्तर और दक्षिण बंगाल में अलग-अलग जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेगी।
जिलों में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ होगी बैठक
कोलकाता पहुंचने के बाद टीम जिला स्तर पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स और मतदान केंद्रों की तैयारियों की गहन समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर टीम विभिन्न जिलों का दौरा भी कर सकती है।
सीईओ की अपील: दुर्गापूजा की तरह उत्साह से करें मतदान
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल भी लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। मुर्शिदाबाद में उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान के दिन उसी उत्साह से घर से निकलें, जैसे दुर्गापूजा में पंडाल घूमने जाते हैं।
मतदाता सूची विवाद: अपील पर टिकी लाखों लोगों की उम्मीद
सीईओ ने साफ किया कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, वे केवल न्यायाधिकरण से मंजूरी मिलने के बाद ही मतदान कर सकेंगे। फिलहाल लाखों लोग अपने नाम बहाल कराने के लिए अपील कर चुके हैं।
19 न्यायाधिकरण जल्द शुरू करेंगे सुनवाई, समय बड़ी चुनौती
सूत्रों के मुताबिक अपील मामलों की सुनवाई के लिए बनाए गए 19 न्यायाधिकरण जल्द काम शुरू करेंगे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 60 लाख मामलों में से 27 लाख से अधिक लोगों को अपात्र घोषित किया गया है, जिनमें से 7 लाख से ज्यादा अपीलें दायर हो चुकी हैं।
फ्रीज मतदाता सूची के बीच उठे बड़े सवाल
मतदाता सूची फ्रीज हो चुकी है और ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या कम समय में अपीलों का निपटारा हो पाएगा। साथ ही, जिन लोगों को पात्र घोषित किया जाएगा, क्या उनके नाम दोबारा सूची में जोड़े जाएंगे—यह भी स्पष्ट नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजरें
इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई होनी है। चुनाव से पहले कोर्ट के निर्देश आगे की प्रक्रिया तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।