कोलकाता: कोलकाता में आयोजित ‘वेस्ट बंगाल बिल्डिंग ग्लोबल पार्टनरशिप’ कार्यक्रम में राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय और वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विदेशी निवेश, औद्योगिक विकास, पर्यटन और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान तापस रॉय ने पश्चिम बंगाल में उद्योगों के विस्तार और विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, स्वपन दासगुप्ता ने भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक सहयोग के बदलते स्वरूप का जिक्र किया।
विदेशी कंपनियों के लिए पश्चिम बंगाल में निवेश के अवसर
राज्य के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल में कई उद्योग बंद हुए, जिसका असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ा। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है। नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद छोटे और मझोले उद्योगों के साथ-साथ बड़े उद्योगों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
तापस रॉय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विकास की कई संभावनाएं हैं। कल्याणी में एयरपोर्ट सहित विभिन्न परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और मैक्सिको के साथ औद्योगिक आदान-प्रदान के अवसर बढ़ाने की बात कही। उनके मुताबिक, जर्मनी और नीदरलैंड की कंपनियां भी पश्चिम बंगाल में कारोबार करने में रुचि दिखा रही हैं।
बायोगैस क्षेत्र में निवेश की उम्मीद
उद्योग मंत्री ने राज्य की बायोगैस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में इस क्षेत्र में कारोबार की अच्छी संभावनाएं हैं। उन्होंने दावा किया कि कई विदेशी कंपनियां राज्य में बायोगैस उत्पादन से जुड़ी परियोजनाएं शुरू करना चाहती हैं। तापस रॉय ने विदेशी कंपनियों से पश्चिम बंगाल के साथ साझेदारी करने और औद्योगिक विकास में योगदान देने की अपील की।
पर्यटन और बंगाल की चाय को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर
तापस रॉय ने कहा कि पश्चिम बंगाल का पर्यटन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए बंगाल की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, त्योहारों और लोक परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने बंगाल की चाय और मैंग्रोव क्षेत्रों का भी उल्लेख किया। मंत्री के अनुसार, बंगाल की चाय की देश-विदेश में पहचान है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी बेहतर ब्रांडिंग और प्रचार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन की संभावनाओं का प्रभावी इस्तेमाल आर्थिक विकास को गति दे सकता है।
स्वपन दासगुप्ता बोले- वैश्विक साझेदारी का स्वरूप बदला
कार्यक्रम में वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने भारत की आर्थिक प्रगति और दूसरे देशों के साथ संबंधों में आए बदलाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि करीब 15 साल पहले इस तरह के कार्यक्रमों में मुख्य रूप से यह चर्चा होती थी कि भारत की तुलना में अधिक समृद्ध देश यहां क्या योगदान दे सकते हैं। अब बातचीत का केंद्र इस बात पर है कि दोनों देश एक-दूसरे को किस तरह लाभ पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का स्वरूप भी बदला है। अब साझेदारी को आपसी लाभ और साझा अवसरों के नजरिये से देखा जा रहा है।
स्वपन दासगुप्ता ने दुर्गापूजा के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि इसके व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक पहलू भी हैं। उन्होंने पश्चिमी देशों में क्रिसमस के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को लेकर होने वाली चर्चाओं का उदाहरण भी दिया।
पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था और GDP पर क्या बोले स्वपन दासगुप्ता?
स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि देश की GDP में वृद्धि की गति को लेकर एक नई आर्थिक स्थिति बन रही है और विभिन्न राज्यों का इसमें योगदान है। हालांकि, उनके अनुसार, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में पश्चिम बंगाल का योगदान अभी अपेक्षाकृत सीमित है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को उसकी पूरी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए निवेश बढ़ाना और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को तेज करना महत्वपूर्ण है।
पश्चिम बंगाल में UCC लागू होगा? तापस रॉय ने दिया जवाब
कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर भी तापस रॉय से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में UCC लागू होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी निर्णय लेगी, वह लोगों की भलाई को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष पर बरसे तापस रॉय
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए तापस रॉय ने विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें भारत को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को कमजोर करने की ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी।
तापस रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न क्षेत्रों में भारत की बढ़ती ताकत कुछ लोगों के लिए ईर्ष्या का कारण बन रही है। ये टिप्पणियां मंत्री के राजनीतिक आरोप हैं।