कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद अब पुलिस को राज्यव्यापी अभियान शुरू करने का लिखित निर्देश जारी कर दिया गया है।
अवैध हथियारों पर प्रहार: शनिवार से शुरू होगा ऑपरेशन
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आगामी शनिवार से पूरे राज्य में बेआईनी हथियार और बम बरामद करने के लिए एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान की खास बातें इस प्रकार हैं:
दैनिक रिपोर्टिंग: हर थाने को रोजाना की गई छापेमारी और बरामद हथियारों की रिपोर्ट शीर्ष अधिकारियों को भेजनी होगी।
मालखाना ऑडिट: थानों के मालखाने में मौजूद गोला-बारूद और हथियारों का रजिस्टर के साथ मिलान करना होगा। इसकी विस्तृत रिपोर्ट 15 मई तक जमा करनी होगी।
15 दिन की समीक्षा: अभियान शुरू होने के दो सप्ताह बाद एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें हथियारों की कुल बरामदगी का ब्योरा होगा।
2021 की हिंसा के मामलों की दोबारा जांच
सिर्फ हथियार ही नहीं, नई सरकार ने पुलिस को 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों की फाइलों को फिर से खोलने का निर्देश दिया है। पुलिस द्वारा उस समय दी गई रिपोर्टों की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मामलों की पुनः जांच (Re-investigation) होगी। इसके लिए पुलिस को एक अलग रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।
"निडर होकर काम करें पुलिस और जनता"
राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी कड़ा संदेश देते हुए कहा, "वह दौर अब बीत गया जब थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की जाती थी। अब पुलिस और जनता दोनों को अपनी रीढ़ सीधी रखकर निडर होकर काम करना चाहिए। अब किसी को यह नहीं कहा जाएगा कि रात 8 बजे के बाद घर लौट आएं, बंगाल की बेटियां और नागरिक अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।"मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि राज्य सरकार आने वाले चुनावों से पहले बंगाल को पूरी तरह हिंसा मुक्त और हथियार मुक्त बनाने के संकल्प पर काम कर रही है।