कोलकाता: पश्चिम बंगाल भाजपा की नेता अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया है कि राज्य एक बार फिर देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में अपनी पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनने वाली भाजपा सरकार पारदर्शी प्रशासन, स्थिर नीतियों और उद्योग-अनुकूल माहौल के जरिए राज्य में बड़े निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास का नया दौर शुरू करेगी।
क्या है भाजपा का दावा?
अग्निमित्रा पॉल के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कई बड़े औद्योगिक और आधारभूत संरचना से जुड़े निवेश प्रस्तावित हैं या उन पर काम चल रहा है। उनका दावा है कि ताजपुर गहरे समुद्री बंदरगाह और मित्सुबिशी की सेमीकंडक्टर परियोजना को छोड़कर भी प्रस्तावित निवेश का आंकड़ा ₹28,000 करोड़ से अधिक है।
किन परियोजनाओं का किया गया उल्लेख?
भाजपा द्वारा जारी जानकारी के अनुसार प्रमुख निवेशों में डानकुनी में लक्स इंडस्ट्रीज़ का ₹600 करोड़ का निवेश, बांकुड़ा के मेजिया में श्याम स्टील का ₹15,000 करोड़ का विस्तार, फ्यूज़न सीएक्स का ₹100 करोड़ का आईटी एवं आईटीईएस परिसर, एल एंड टी का ₹4,500 करोड़ का प्रस्तावित एआई डेटा सेंटर, बर्जर पेंट्स और पियरलेस की ₹1,600 करोड़ की रियल एस्टेट परियोजना, आईटीसी लिमिटेड का ₹2,300 करोड़ का विस्तार, अमूल का ₹650 करोड़ का निवेश तथा कोलकाता डॉक सिस्टम में जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर का ₹832.25 करोड़ का निवेश शामिल है। इसके अलावा दुर्गापुर- पानागढ़ में मित्सुबिशी की प्रस्तावित सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाई तथा ताजपुर गहरे समुद्री बंदरगाह के साथ अडानी समूह द्वारा ₹2,500 करोड़ की लागत से प्रस्तावित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज का भी उल्लेख किया गया है।
रोजगार और औद्योगीकरण पर जोर
भाजपा का दावा है कि इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से एल एंड टी के प्रस्तावित एआई डेटा सेंटर से लगभग 25,000 लोगों को रोजगार मिलने तथा फ्यूज़न सीएक्स परियोजना से 9,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है।
भाजपा ने क्या कहा?
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राजनीतिक हिंसा, भ्रष्टाचार और नीतिगत अनिश्चितता के कारण पश्चिम बंगाल लंबे समय तक निवेश और उद्योग के क्षेत्र में पीछे रहा। उनका दावा है कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार निवेशकों का विश्वास बहाल करेगी, औद्योगीकरण को नई गति देगी और पश्चिम बंगाल को देश की आर्थिक प्रगति के प्रमुख केंद्रों में शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में "भय और ठहराव का दौर समाप्त होने वाला है और निवेश, उद्योग तथा रोजगार के नए युग की शुरुआत होगी।"