कोलकाता - पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के साथ बैठक कर अतिरिक्त मतदाता सूची के प्रकाशन और उससे जुड़े अन्य प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा की।
अतिरिक्त मतदाता सूची पर चर्चा
निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह विचार-विमर्श हुआ कि अतिरिक्त मतदाता सूची कब जारी की जाएगी और शिकायतों के निपटारे के लिए बनने वाले ट्रिब्यूनल में किन लोगों को शामिल किया जाएगा। हालांकि बैठक में सूची जारी करने की कोई अंतिम तिथि तय नहीं की गई, लेकिन इसे जल्द से जल्द प्रकाशित करने पर सहमति बनी है।
विचाराधीन नामों का निपटारा
राज्य में इस समय लगभग 60 लाख मतदाताओं के नाम 'विचाराधीन' श्रेणी में हैं, जिनकी जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारियों की देखरेख में की जा रही है। आयोग के अनुसार गुरुवार तक लगभग 14 लाख मतदाताओं से संबंधित जानकारी का निपटारा कर लिया गया है। सूची का आंशिक प्रकाशन पहले किया जाएगा और उसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य सूचियां भी जारी की जाएंगी।
उच्चस्तरीय बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी
इस बैठक में राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, पुलिस महानिदेशकपीयूष पांडे , और कोलकाता के पुलिस आयुक्त Supratim Sarkar भी शामिल हुए।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त मतदाता सूची के प्रकाशन के अंतिम निर्णय कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ही लेंगे और इसी संबंध में उनसे आवेदन किया जा सकेगा।
इसके अलावा, शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि सूची को लेकर किसी भी आपत्ति या शिकायत का निपटारा एक विशेष ट्रिब्यूनल करेगा, जिसमें पूर्व मुख्य न्यायाधीश और सेवानिवृत्त न्यायाधीश शामिल होंगे। इस प्रस्तावित ट्रिब्यूनल की संरचना और प्रक्रिया पर भी बैठक में चर्चा हुई।
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