वैश्विक बाजार में बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिला, जिसके चलते तेल के दाम करीब चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता तथा आपूर्ति श्रृंखला में सुधार की उम्मीदों ने निवेशकों की चिंताओं को कम किया है।
ब्रेंट और WTI दोनों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 0.70 प्रतिशत गिरकर 76 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 72.76 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।
एक महीने में 20% से अधिक टूटा कच्चा तेल
होर्मुज स्ट्रेट से तेल आपूर्ति में लंबे समय तक बाधा आने की आशंका कम होने के बाद पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतों में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में राहत का माहौल बना हुआ है।
खाड़ी क्षेत्र में सामान्य हो रही शिपिंग गतिविधियां
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान से जुड़े तनाव के बाद खाड़ी क्षेत्र में फंसे तेल टैंकर अब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्गों से दोबारा गुजरने की तैयारी कर रहे हैं। इससे तेल आपूर्ति को लेकर बनी चिंताएं काफी हद तक कम हुई हैं।
कूटनीतिक प्रयासों से बाजार को राहत
अमेरिका, ईरान और क्षेत्र के अन्य प्रमुख देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक संवाद का असर भी तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं घटने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
भारत के लिए अच्छी खबर
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है। ऐसे में सस्ते कच्चे तेल से आयात बिल कम हो सकता है, जिससे महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
होर्मुज स्ट्रेट पर अब भी बनी हुई है नजर
हालांकि कीमतों में गिरावट के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा संभालता है। यदि यहां किसी प्रकार की रुकावट आती है तो ऊर्जा बाजार में फिर से अस्थिरता और कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।
बाजार की नजर आगे की घटनाओं पर
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान वार्ता, मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति और वैश्विक मांग-आपूर्ति के आंकड़े कच्चे तेल की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में राहत का माहौल है और तेल की कीमतें दबाव में बनी हुई हैं।