नई दिल्ली - अगर आप सोना-चांदी खरीदने, गहने बनवाने या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। 7 जुलाई 2026 को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में कमजोरी, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में खरीदारों के लिए यह बेहतर अवसर माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार (Comex) में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना लगभग 0.54 फीसदी टूटकर करीब 4,144 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं चांदी भी 1.42 फीसदी की गिरावट के साथ करीब 61.445 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
MCX पर भी फिसले सोना और चांदी
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हाल के दिनों में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। एमसीएक्स पर सोना करीब ₹1.45 लाख से ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी की कीमत करीब ₹2.32 लाख से ₹2.34 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई है। आज के कारोबार में सोने में लगभग 0.53 फीसदी और चांदी में 1.01 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
कीमतों में गिरावट की वजह
अमेरिकी डॉलर में मजबूती।
फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली।
वैश्विक निवेशकों का सुरक्षित निवेश से कुछ दूरी बनाना।
कमोडिटी बाजार में बढ़ती अस्थिरता।
इन सभी कारणों का असर सीधे भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।
खरीदारों के लिए अच्छा अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति शादी-ब्याह के लिए आभूषण खरीदने या लंबी अवधि के निवेश की योजना बना रहा है, तो मौजूदा गिरावट उसके लिए अच्छा मौका साबित हो सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की चाल और अपने शहर के ताजा सर्राफा रेट जरूर जांच लेने चाहिए, क्योंकि स्थानीय टैक्स, जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर हो सकता है।
आगे कैसी रह सकती है चाल?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के रुख, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव जारी रहता है तो कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है। वहीं किसी बड़े वैश्विक घटनाक्रम या आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति में कीमती धातुओं में फिर से तेजी लौट सकती है। फिलहाल बाजार में आई गिरावट ने खरीदारों को राहत दी है और निवेशकों की नजर अब अगले कुछ कारोबारी सत्रों पर टिकी हुई है।