मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय उद्योग जगत के बेताज बादशाह मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और फेसबुक-इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी 'मेटा' (Meta) के मालिक मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) के बीच एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा समझौता हुआ है। दोनों वैश्विक दिग्गजों ने भारत में एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर बनाने के लिए हाथ मिलाया है।
इस मेगा डील की खबर जैसे ही बाजार में आई, बुधवार को ट्रेडिंग के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। कंपनी का शेयर करीब 2.4 फीसदी की बढ़त के साथ 1,300 रुपये के स्तर पर पहुँच गया।
निवेशकों के चेहरे खिले, 9 दिनों के घाटे पर लगा ब्रेक
रिलायंस के शेयरों में आई यह तेजी शेयर बाजार और निवेशकों के लिए बेहद संजीवनी साबित हुई है। दरअसल, इस डील से पहले देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस के शेयरों में लगातार नौ दिनों से गिरावट का दौर चल रहा था। इस गिरावट के कारण निवेशकों को करीब 1.29 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम संपत्ति का नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन नए एआई डेटा सेंटर प्रोजेक्ट की घोषणा होते ही निवेशकों ने एक बार फिर रिलायंस के शेयरों पर भरोसा जताया और बाजार में खरीदारी की होड़ मच गई।
जामनगर में बनेगा 'सुपर पावर' एआई डेटा सेंटर
स्टॉक एक्सचेंज में दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह डेटा सेंटर गुजरात के जामनगर में स्थापित किया जाएगा। इसकी शुरुआती क्षमता 168 मेगावाट की होगी, जो पूरी तरह से एआई-सक्षम (AI-enabled) होगी। इस मेगा प्रोजेक्ट को अगले दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में जरूरत के अनुसार इस डेटा सेंटर की क्षमता को और अधिक बढ़ाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।
इस प्रोजेक्ट के तहत रिलायंस सिर्फ डेटा सेंटर की बिल्डिंग ही नहीं बनाएगी, बल्कि डिजाइन, कंस्ट्रक्शन, यूटिलिटी मैनेजमेंट, नेटवर्क कनेक्टिविटी और रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) की सप्लाई सहित पूरी बुनियादी ढांचा सेवाएं (Infrastructure Services) प्रदान करेगी। वहीं, मेटा इस डेटा सेंटर की तय क्षमता को लीज (किराए) पर लेकर इस्तेमाल करेगी।
पूरी तरह इको-फ्रेंडली और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित
इस डेटा सेंटर को पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) बनाया जाएगा। यह पूरा प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) से संचालित होगा। साथ ही, डेटा सेंटर के सर्वरों को ठंडा रखने (Cooling सिस्टम) के लिए समुद्र के पानी को फिल्टर और शुद्ध करके इस्तेमाल किया जाएगा।
मुकेश अंबानी और मार्क जुकरबर्ग ने क्या कहा?
रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी: "मेटा के साथ यह साझेदारी भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे के इतिहास में एक युगांतरकारी मोड़ है। मेटा जैसी विश्व स्तरीय तकनीकी कंपनी के लिए भारत का पहला विशेष रूप से निर्मित डेटा सेंटर तैयार करना इस बात का सबूत है कि भारत अब दुनिया में एआई (AI) क्रांति का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।"
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग: "भारत में हमारा पहला एआई-सक्षम डेटा सेंटर बनाने के लिए रिलायंस के साथ काम करने पर हमें गर्व है। जामनगर का यह वैश्विक स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर हमारी ग्लोबल एआई क्षमताओं को मजबूत करेगा और भारत की अर्थव्यवस्था में हमारे दीर्घकालिक निवेश को और गहरा करेगा।"
अब 19 जून की एजीएम (AGM) पर टिकी नजरें
इस धमाकेदार घोषणा के बाद अब शेयर बाजार और निवेशकों की नजरें आगामी 19 जून को होने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (AGM) पर टिक गई हैं। बाजार के जानकारों को उम्मीद है कि इस एजीएम में मुकेश अंबानी एआई, डिजिटल बिजनेस और कंपनी के भविष्य के निवेश प्लान को लेकर कुछ और बड़े और चौंकाने वाले ऐलान कर सकते हैं।