Bhupesh Baghel: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे मोटे अनाजों के उत्पादन और उपभोग को बढ़ावा देने तथा इसे जन आंदोलन बनाने के लिए पहल करने का आग्रह किया है। सीएम बघेल ने पत्र में ’राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम’ के अन्तर्गत वितरित किये जाने वाले अनाजों, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, महिला बाल विकास विभाग द्वारा दिये जा रहे पोषण आहार तथा आश्रम-छात्रावासों के छात्रों को दिये जा रहे रियायती अनाज में 20 से 25 फीसदी तक मोटे अनाजों को शामिल किया जाए।
मिलेट प्रदाय करने का निर्णय लेने का आग्रह किया
केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को मिलेट फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर संग्रहण करने के संबंध में निर्णय लेने और राज्य सरकारों को रियायती दर पर अनाज वितरण तथा पोषण आहार से संबंधित योजनाओं में उपयोग हेतु रियायती दर पर मिलेट प्रदाय करने का निर्णय लेने का आग्रह किया है। ये भी पढ़े- Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट में आज जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ वाली याचिका पर होगी सुनवाई
9,000 रूपए प्रति एकड़ ’इनपुट सब्सिडी’ भी दी जा रही
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ में मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के उपायों की जानकारी देते हुए पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु ’मिलेट मिशन’ की स्थापना के साथ ही राज्य में पैदा होने वाले कोदो, कुटकी एवं रागी का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर इनके संग्रहण एवं विपणन की पुख्ता व्यवस्था की गयी है। राज्य में इन मोटे अनाजों के उत्पादकों को 9,000 रूपए प्रति एकड़ ’इनपुट सब्सिडी’ भी दी जा रही है। देश के किसी भी राज्य में मोटे अनाज के उत्पादकों को इतनी ज्यादा सहायता नहीं दी जा रही। इन कारणों से विगत 02 वर्षों में राज्य में मिलेट फसलों के रकबे एवं उत्पादन में दो गुना से अधिक वृद्धि हुई है।
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