CG NEWS : रायपुर, छत्तीसगढ़। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छत्तीसगढ़ की निलंबित आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया को बड़ा झटका लगा है। उच्चतम न्यायालय (Supreme court) ने IAS अधिकारी सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इसके अलावा सौम्या चौरसिया ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी SLP में गलत तथ्य प्रस्तुत किये थे, जिसके कारण उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सौम्या चौरसिया छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव रह चुकी हैं।
अवैध लैवी वसूलने का भी आरोप
निलंबित IAS अधिकारी सौम्या चौरसिया पर आरोप है कि, उन्होंने अधिकारियों, नेताओं के साथ मिलकर प्रत्येक टन कोयले पर 25 रुपए की उगाही की है। सौम्या चौरसिया को पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार भी किया गया था। IAS अधिकारी सौम्या चौरसिया पर ट्रक और वाहनों से अवैध लैवी वसूलने का भी आरोप है।जबरन वसूली और अवैध लेवी से इकट्ठा किया गया धन
सौम्या चौरसिया ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 23 जून के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भी सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी। सौम्या चौरसिया करीब एक साल जेल में बिता चुकी हैं। उनका कहना है कि, उन्हें फसाया जा रहा है और ये पूरा मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। केंद्रीय एजेंसी का दावा है कि, जबरन वसूली और अवैध लेवी से इकट्ठा किया गया धन कथित तौर पर चुनावी फंडिंग और रिश्वत के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। वहीं ईडी का कहना है कि, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपने पद और प्रभाव के कारण चौरसिया ने कथित तौर पर और गैरकानूनी तरीके से कोयला लेवी वसूली और नगदी प्राप्त की। इस धन से अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां खरीदी।Read More: CG NEWS : छत्तीसगढ़ में दूसरी IED ब्लास्ट, नक्सलियों के विस्फोट में BSF के एक जवान शहीद......
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