मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया था। जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का फैसला इसलिए लिया था, क्योंकि विवादों में रहीं डॉक्टर अरुणा कुमार की एक बार फिर से जीएमसी में वापसी हुई थी। एक बार फिर डॉ अरुणा कुमार को एचओडी बनाया गया था। पिछले साल अगस्त में डॉ बाला सरस्वती ने डॉ अरुणा कुमार पर आरोप लगाते हुए सुसाइड कर लिया था। उसके बाद अरुणा कुमार को स्वास्थ्य विभाग भेज दिया गया था।
नियुक्ति का आदेश निरस्त कर दिया गया
वहीं अब जूनियर डॉक्टरों के विरोध को देखते हुए डॉ अरुणा कुमार के नियुक्ति का आदेश निरस्त कर दिया गया है। संचनालय चिकित्सा शिक्षा विभाग में हीं डॉ अरुणा कुमार रहेंगी। वहीं जूनियर डॉक्टर ने हड़ताल वापस ले ली है और काम पर लौट गए हैं। लेकिन उन्होंने कहा है कि अगर वापस ऑर्डर होता है तो फिर हड़ताल की जाएगी। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने आदेश को निरस्त करने का निर्देश दिया। जिसके बाद डॉ अरुणा को हटा दिया है। वहीं जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली है।
इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर देंगे
जूनियर डॉक्टरों ने आज दोपहर 2 बजे तक डॉ अरुणा कुमार की पोस्टिंग के ऑर्डर को रद्द करने की मांग करते हुए कहा था कि अरुणा कुमार के खिलाफ अभी भी जांच चल रही है। अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो वे इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर देंगे।
उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया था
जूनियर डॉक्टरों की ओर से गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन के अलावा अन्य उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया था। जूनियर डॉक्टरों की तरफ से कहा गया था कि अगर डॉ अरुणा कुमार की जॉइनिंग निरस्त नहीं की गई, तो हम पहले की तरह हड़ताल पर जाएंगे।
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